बेटियां बोझ नहीं बल्कि वरदान हैं: फोर्ब्सगंज में बिहार बाल मंच ने मनाया वर्ल्ड डॉटर्स डे

फोर्ब्सगंज में रविवार को बिहार बाल मंच द्वारा वर्ल्ड डॉटर्स डे (विश्व बेटी दिवस) के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था के संस्थापक विनोद कुमार तिवारी ने किया।
मुख्य बातें:
- बेटियों के अधिकारों और समाज में उनके सम्मान के लिए जागरूकता।
- कई बेटियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया।
- दहेज प्रथा के खिलाफ कड़ा संदेश।
- बेटियों की शिक्षा और समान अवसर पर जोर।
इन बेटियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान संस्था द्वारा कई बेटियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। इनमें PWD के सेवानिवृत्त कर्मचारी पलकधारी मंडल की सात बेटियां, PWD ड्राइवर रहे स्वर्गीय छोटू कुमार राय की पांच बेटियां और हरिपुर डाक निवासी किसान अमरनाथ दास की पांच बेटियां शामिल थीं।
दहेज प्रथा को बताया अपराध
इस मौके पर विनोद कुमार तिवारी ने समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार के लिए ताकत का स्रोत हैं। उन्होंने बेटियों को बोझ नहीं बल्कि 'वरदान' बताया। तिवारी ने दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इसे एक आपराधिक कृत्य बताया, न कि कोई पारंपरिक उपहार।
समान अवसर की अपील
कार्यक्रम के अंत में विनोद कुमार तिवारी ने समाज से अपील की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लड़कियों को शिक्षा, सम्मान और जीवन के सभी क्षेत्रों में समान अवसर मिलें।