बिहार के सीएम सम्राट चौधरी का बाढ़ संकट के बीच भागलपुर का दौरा

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 40 दिन के भीतर भागलपुर के चार आधिकारिक दौरे किए हैं, जिसमें विकास पहल, आध्यात्मिक पहुंच और आपातकालीन बाढ़ राहत पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मुख्यमंत्री की बार-बार उपस्थिति क्षेत्रीय चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसमें बुनियादी ढांचा परियोजना की देखरेख से लेकर आपदा प्रबंधन तक शामिल है।
- 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ पटना, भागलपुर, कटिहार, नौगछिया, बेगूसराय और खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
- भागलपुर एयरपोर्ट पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, राहत सामग्री और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी।
- उन्होंने प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार के लिए 10 किलोग्राम चावल और 5 किलोग्राम आटे के सरकारी सहायता पैकेज की घोषणा की।
- उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भागलपुर के राघोपुर और बेगूसराय के बचवारा में तटबंधों में दरार पड़ने की पुष्टि की।
- भागलपुर में बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का आवास भी बाढ़ के पानी में डूब गया।
तटबंध में दरार और राहत कार्य
स्थानीय अधिकारियों ने नौगछिया उपखंड के खरीक ब्लॉक में काजीकोरिया-राघोपुर सीमांत तटबंध में लगभग 2:30 बजे आई दरार पर भी प्रतिक्रिया दी। 25 अगस्त 2026 तक कहलगांव में बाढ़ का पानी लगभग 70 सेंटीमीटर कम हो गया है, हालांकि दियारा क्षेत्र के कई गांव अभी भी डूबे हुए हैं, जिससे निवासियों को अपने मवेशियों के साथ पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि राजद नेता तेज प्रताप यादव ने हवाई सर्वेक्षणों की आलोचना की है, प्रशासन का कहना है कि फरक्का बैराज के गेट खोलने से जल स्तर में और गिरावट आएगी।
पिछले दौरे और विकास कार्य
वर्तमान आपातकाल से पहले, जिले के साथ मुख्यमंत्री के जुड़ाव में 23 अगस्त को सावन तीर्थ यात्रा व्यवस्था की समीक्षा करने और विकास परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए दौरा शामिल था, और 22 अगस्त को काशिल गांव में जनता से बातचीत शामिल थी। 15 जुलाई को उन्होंने 211 नए कॉलेजों का उद्घाटन किया और विक्रमशिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय संस्थान के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया। पहले के दौरों में 28 जुलाई को अजगैवीनाथ धाम में श्रावणी मेला में शामिल होना और 31 मई को विक्रमशिला सेतु के निर्माण का निरीक्षण करना शामिल था।