बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों को विदेश में नौकरी और वीजा मिलना होगा मुश्किल

Hariom Mishra11 February 20262 min read7 viewsBihar
बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों को विदेश में नौकरी और वीजा मिलना होगा मुश्किल

बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी समस्या सामने आई है। 10 फरवरी 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक के पास भी वर्तमान में सक्रिय एनबीए (NBA) मान्यता नहीं है। पहले मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के पास यह मान्यता थी, लेकिन वह भी अब खत्म हो चुकी है। इस स्थिति के कारण बिहार से इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों को विदेश में पढ़ाई करने और वहां नौकरी पाने में बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

विदेश में पढ़ाई और वीजा पर क्या पड़ेगा असर

भारत वाशिंगटन अकॉर्ड का हिस्सा है, जिसके तहत एनबीए मान्यता प्राप्त कॉलेजों की डिग्री को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे 20 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर माना जाता है। बिहार के कॉलेजों में यह मान्यता नहीं होने की वजह से वहां की यूनिवर्सिटीज मास्टर डिग्री के लिए आवेदन रद्द कर रही हैं। इसके अलावा सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों ने नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। सऊदी अरब में अब काम शुरू करने से पहले डिग्री का वेरिफिकेशन अनिवार्य है, जबकि कुवैत सोसाइटी ऑफ इंजीनियर्स केवल एनबीए मान्यता प्राप्त डिग्री वालों को ही काम करने का परमिट देती है।

मान्यता नहीं मिलने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को मान्यता नहीं मिलने का सबसे बड़ा कारण शिक्षकों की भारी कमी है। कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पद खाली पड़े हैं। इसके साथ ही प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरणों की कमी और शिक्षा के पुराने तरीके भी बड़ी वजह बने हैं। पटना में हुई एक हालिया बैठक में एनबीए के चेयरमैन और बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने इस पर चिंता जताई है। सरकार ने अब सभी 38 कॉलेजों को अपनी कमियां दूर कर तुरंत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है ताकि छात्रों का भविष्य बचाया जा सके।

विवरण वर्तमान स्थिति
बिहार में कुल सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज 38
एनबीए मान्यता प्राप्त कॉलेज 0
प्रभावित देश सऊदी अरब, कुवैत, यूएसए, कनाडा
मुख्य कमी प्रोफेसरों की कमी और पुरानी लैब
Share:

Comments

Leave a comment