त्योहारों पर भीड़ कम करने के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, बिहार में चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें
छठ और दिवाली की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भागलपुर, मुंगेर और पूर्णिया के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। पूरी लिस्ट देखें।

दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। पूर्वी रेलवे के मालदा डिवीजन और पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने मिलकर बिहार के विभिन्न रूटों पर कई स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, ताकि लोग आसानी से अपने घर पहुंच सकें। बिहार फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन की इस व्यवस्था से भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा जैसे शहरों के यात्रियों को काफी फायदा होगा।
इन रूटों पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, देखें शेड्यूल
मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के अनुसार, भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल के लिए एक तरफा अनारक्षित स्पेशल ट्रेन (04455) चलाई जाएगी। यह ट्रेन 8 नवंबर 2026 को शाम 7:00 बजे भागलपुर से रवाना होगी और इसका रूट बिल्कुल विक्रमशिला एक्सप्रेस जैसा ही रहेगा।
इसके अलावा, पूर्व मध्य रेलवे ने कुल 103 जोड़ी पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इनमें से कई ट्रेनें मालदा और आसनसोल डिवीजन से होकर गुजरेंगी, जिससे मुंगेर, जमालपुर और भागलपुर के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों की जानकारी:
- रांची-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल (08625): यह ट्रेन 6, 13 और 20 नवंबर को शाम 6:00 बजे रांची से चलेगी। यह मुरी, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद, जमतारा, देवघर, बांका, भागलपुर, सुल्तानगंज, खगड़िया, मानसी और सहरसा होते हुए पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी।
- पूर्णिया कोर्ट-रांची स्पेशल (08626): वापसी में यह ट्रेन 7, 14 और 21 नवंबर को दोपहर 3:00 बजे पूर्णिया कोर्ट से रवाना होगी।
- भागलपुर-पटना स्पेशल (03431/03432): यह ट्रेन 9, 16 और 23 नवंबर को चलेगी, जिसमें जमालपुर, सुल्तानगंज और अभैपुर मुख्य ठहराव होंगे।
- नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल: ट्रेन 04054 नई दिल्ली से 11 और 12 नवंबर को शाम 6:15 बजे रवाना होगी, जबकि ट्रेन 04053 हावड़ा से 9, 13 और 14 नवंबर को रात 1:40 बजे चलेगी।
आनंद विहार-सबौर रूट पर भी स्पेशल ट्रेनें (04066 और 04065) चलाई जाएंगी। रांची-पूर्णिया स्पेशल ट्रेन में 22 आईसीएफ कोच होंगे, जिसमें जनरल सेकंड क्लास और एसी कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि हर वर्ग के यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से सफर कर सकें।