बिहार में भयंकर बाढ़ का तांडव, 12 जिले प्रभावित और 22 लाख से ज्यादा लोग संकट में

MyBhagalpur Team7 September 20262 min read32 viewsBihar
बिहार में भयंकर बाढ़ का तांडव, 12 जिले प्रभावित और 22 लाख से ज्यादा लोग संकट में

बिहार में बाढ़ का संकट बहुत गंभीर हो गया है क्योंकि 12 जिले इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। इस बाढ़ से 22.42 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती, घाघरा, कर्मनाशा, थोरा, धर्मावती और कंचन जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

  • बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से 22.42 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
  • गंगा और कर्मनाशा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
  • भागलपुर और मुंगेर में घरों के अंदर 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है।
  • राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और 1,429 नावें लगाई गई हैं।

बक्सर और पटना में नदियों का हाल

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बक्सर में गंगा 5 सितंबर 2026 को 60.55 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब पानी कम होने लगा है, हालांकि दियारा इलाके अभी भी खतरे में हैं। कर्मनाशा नदी खतरे के निशान से 1.84 मीटर ऊपर बह रही है। पटना में दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 7 सितंबर 2026 को थोड़ी गिरावट के बाद 51.78 मीटर दर्ज किया गया। 6 सितंबर को गांधी घाट पर जलस्तर 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) के रिकॉर्ड को पार कर गया।

भागलपुर और मुंगेर की स्थिति

भागलपुर में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, और बाढ़ गोपालपुर, रंगरा तथा इस्माइलपुर को पार करते हुए ब्लॉक मुख्यालयों में घुस गई है। भागलपुर और मुंगेर के स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके घरों के अंदर पानी 5 से 6 फीट तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों का दौरा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 सितंबर 2026 को हवाई सर्वे किया और वैशाली तथा भागलपुर में सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया। इन दौरों के दौरान उन्होंने छह मृतक बाढ़ पीड़ितों के परिजनों को मुआवजे के चेक बांटे। वैशाली में प्रभारी सचिव रचना पाटिल और जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह ने भोजन, पीने का पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशु चारे की लगातार आपूर्ति के आदेश दिए हैं। जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि झारखंड से रिकॉर्ड पानी आने के कारण दक्षिण बिहार में स्थिति और खराब हो गई है।

राहत और मौसम विभाग की चेतावनी

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है और सामुदायिक रसोइयों की संख्या 80 से बढ़ाकर 190 कर दी है। राहत कार्यों में इस समय राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 10 टीमें, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 27 टीमें और 1,429 नावें शामिल हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान नौ जिलों में भारी बारिश और 13 जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

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