बिहार में विनाशकारी बाढ़ से लगभग दस हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इस आपदा से पंद्रह जिलों के लगभग उनचास लाख चौहत्तर हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी घटने के बाद टूटे हुए बुनियादी ढांचे, घरों और खेती की जमीन पर हुई तबाही साफ दिखने लगी है। बिहार सरकार ने नुकसान का पूरा आकलन शुरू कर दिया है और इसकी अंतिम रिपोर्ट पंद्रह अक्टूबर के बाद आएगी।
पंद्रह सितंबर दो हजार छब्बीस को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए आठ लाख सत्ताईस हजार से ज्यादा प्रभावित परिवारों के खातों में पांच सौ उनहत्तर करोड़ तेईस लाख रुपये ट्रांसफर किए। प्रत्येक परिवार को सात हजार रुपये दिए गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार अठारह जिलों में धान, मक्का, सब्जी और केले की फसलों को लगभग दो सौ सत्तर करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें भागलपुर और भोजपुर सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सत्रह सितंबर दो हजार छब्बीस को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ वैशाली समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने फसल के नुकसान का जायजा लिया और स्थायी बाढ़ समाधान के लिए केंद्र सरकार की पूरी मदद का भरोसा दिया। राहत कार्यों के लिए इस समय एक हजार सात सौ चौदह नावें, एक हजार दो सौ अड़तालीस सामुदायिक रसोई और तेरह राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनमें बारह हजार दो सौ साठ लोग रह रहे हैं।
उन्नीस सितंबर दो हजार छब्बीस तक स्थानीय स्तर पर काम शुरू हो चुके हैं, जैसे सड़क मरम्मत और जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए भागलपुर के अकबरनगर नगर पंचायत में बोर्ड की बैठक हुई। राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री आज कटिहार का हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं।