गंगा और अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार प्रशासन ने बाढ़ संभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
प्रमुख बिंदु:
भागलपुर के खगड़िया ब्लॉक में काजीकोरेया-राघोपुर तटबंध पर आपातकालीन काम जारी है।
पटना के कई घाटों पर आवाजाही रोक दी गई है और बैरिकेडिंग की गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
भागलपुर के खगड़िया ब्लॉक में जल संसाधन विभाग द्वारा काजीकोरेया-राघोपुर सीमांत तटबंध पर कटाव रोकने के लिए आपातकालीन सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। बुधवार को जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने इस स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को काम में तेजी लाने व गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। इस निरीक्षण में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी और जिला के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
नौगछिया क्षेत्र में पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को सतर्क कर रही है और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही है। पटना में बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन ने भद्रा घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। कंगन घाट से भद्रा घाट तक निरीक्षण करने वाले अनुमंडल पदाधिकारी कशिश बख्शी ने बताया कि कंगन घाट पर पानी अभी कम है, लेकिन वह भद्रा घाट और मनाविर घाट तक पहुंच गया है। वाहन और पैदल यात्रियों को रोकने के लिए बैरियर और चेतावनी संकेतक लगाए जा रहे हैं। घाटों से मवेशियों को हटाने के लिए मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। बचाव कार्यों के लिए 10 एसडीआरएफ की नावें, 28 कर्मी और छह गोताखोर तैनात हैं। इसके अलावा, भद्रा घाट पर एसएसबी की चार नावें और 30 लाइफ जैकेट रखी गई हैं। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की जा सकती है। फतुहा क्षेत्र में कच्ची दरगाह और राघोपुर के बीच नावों का संचालन बंद कर दिया गया है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और अगले 24 घंटे में इसके और बढ़ने की आशंका है। दीघा घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर, हाथीदह में 72 सेंटीमीटर और श्रीपालपुर में 198 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। कोसी, गंडक और सोन नदियों के कुछ हिस्सों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नगर निगम को जलजमाव वाले क्षेत्रों के लिए पंप की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं और प्रशासन ने जनता, विशेषकर महिलाओं और बच्चों से अपील की है कि वे नदी के पास न जाएं, पानी में स्नान न करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें।