बिहार सरकार ने सोनपुर और भागलपुर-मुंगेर क्षेत्र (अजगैविनाथ धाम) में दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए 7,373 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अंतिम योजना बना ली है।
- दोनों प्रोजेक्ट साइटों पर 26,000 से अधिक जमीन मालिकों यानी रैयतों पर असर पड़ेगा।
- पीपीपी मॉडल के तहत इन एयरपोर्ट्स के लिए कुल अनुमानित निवेश 10,000 करोड़ रुपये है।
- सोनपुर के लिए 6,500 करोड़ और अजगैविनाथ धाम सुविधा के लिए 3,500 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
- राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण और कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचे से जुड़े खर्चों को वहन करेगी।
सोनपुर एयरपोर्ट के लिए, सारण जिले में लगभग
4,228 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिससे 26 गांवों के लगभग 14,224 जमीन मालिक प्रभावित होंगे। भागलपुर-मुंगेर एयरपोर्ट के लिए लगभग
3,145 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी, जिससे 14 गांवों के लगभग 12,000 जमीन मालिक प्रभावित होंगे। अधिग्रहण प्रक्रिया 'बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2020' के तहत चलाई जाएगी, जो जमीन मालिकों से सीधी खरीद को प्राथमिकता देती है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम का सहारा उन मामलों तक सीमित होगा जहां सीधी बातचीत असफल होती है या अन्य जरूरी परिस्थितियों में।
नागरिक उड्डयन विभाग ने भूमि माप, शीर्षक सत्यापन, पंजीकरण और डिजिटल लैंड बैंक के निर्माण में सहायता के लिए सलाहकार फर्मों का चयन करने की
टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एजेंसियां 22 अक्टूबर 2026 तक प्रस्ताव जमा कर सकती हैं, और तकनीकी बोलियां 23 अक्टूबर को खोली जानी हैं। यह प्रोजेक्ट उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद आया है, जिन्होंने अधिकारियों को विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राइट्स लिमिटेड (RITES Ltd) द्वारा तैयार और प्रस्तुत की गई थी।