भागलपुर समेत 11 जिलों में Rural SP का पावर बढ़ा, अब दारोगा को सीधे कर सकेंगे सस्पेंड

Pooja Kanjani13 February 20262 min read7 viewsBihar
भागलपुर समेत 11 जिलों में Rural SP का पावर बढ़ा, अब दारोगा को सीधे कर सकेंगे सस्पेंड

बिहार के गृह विभाग ने कानून व्यवस्था को चुस्त करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। 12 फरवरी 2026 को जारी आदेश के तहत भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों में तैनात ग्रामीण पुलिस अधीक्षकों (Rural SP) का अधिकार क्षेत्र तय कर दिया गया है। साल 2022 में बने इन पदों के लिए अब साफ हो गया है कि कौन से थाने और अनुमंडल इनके अधीन काम करेंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग ज्यादा असरदार होगी।

किस जिले में किसके पास कितने थाने?

गृह विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर सभी 11 ग्रामीण एसपी के लिए थानों की संख्या और SDPO का क्षेत्र बांट दिया है। इससे आम लोगों को भी पता रहेगा कि उनकी शिकायत किस अधिकारी के पास जाएगी। भागलपुर रुरल एसपी के पास कहलगांव और लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी का क्षेत्र रहेगा। नीचे दी गई लिस्ट में आप अपने जिले का हाल देख सकते हैं।

जिला (District) क्षेत्र / SDPO सर्किल थानों की संख्या
गया नीमचक बथानी, टिकारी, इमामगंज, शेरघाटी 33
रोहतास सासाराम, कोचस, डेहरी, बिक्रमगंज 28
मुजफ्फरपुर पूर्वी-1, पूर्वी-2, सरैया 24
बेतिया सदर-2, नरकटियागंज 21
दरभंगा बेनीपुर, बिरौल, सदर-2 19
भागलपुर कहलगांव-1, कहलगांव-2, विधि-व्यवस्था 18
पूर्णिया बायसी, बनमनखी, धमदाहा 18
सारण मढौरा-1, मढौरा-2, सोनपुर 18
मुंगेर सदर, तारापुर, हवेली खड़गपुर 12
बेगूसराय मंझौल, बखरी, बलिया 11
सहरसा सिमरी बख्तियारपुर 9

रुरल एसपी को मिली सीधे कार्रवाई की ताकत

नए आदेश में ग्रामीण एसपी को काफी पावर दिया गया है। अब वे अपने क्षेत्र में इंस्पेक्टर और दारोगा (Sub-Inspector) स्तर के अधिकारियों को गलती पाए जाने पर सीधे सस्पेंड कर सकेंगे। पहले इसके लिए लंबी प्रक्रिया होती थी। हालांकि, पुलिस लाइन के कर्मियों पर कार्रवाई के लिए उन्हें जिले के एसपी (District SP) से बात करनी होगी। वे थानों का निरीक्षण, क्राइम मीटिंग और गश्ती की निगरानी भी करेंगे।

आम आदमी को क्या फायदा होगा?

गांव-देहात के इलाकों में अक्सर पुलिस की पहुंच कम होती थी। अब एक समर्पित एसपी होने से रुरल इलाकों में होने वाले अपराध, जमीन विवाद और चोरी-डकैती पर लगाम लगेगी। लोगों को अपनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। खाड़ी देशों या बाहर रहने वाले बिहारी भी अपने गांव की सुरक्षा को लेकर सीधे ग्रामीण एसपी से संपर्क कर पाएंगे।

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