भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ की विभीषिका से लोग बहुत परेशान हैं। प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने की मांग को लेकर बिहार जनसंघर्ष समिति ने सोमवार को भागलपुर जिलाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा।
बिहार जनसंघर्ष समिति ने प्रशासन से अपील की है कि कागजी प्रक्रियाओं को छोड़कर युद्धस्तर पर बाढ़ पीड़ितों तक सहायता पहुंचाई जाए। मांग पत्र सौंपने वालों में गौतम कुमार, निर्मल कुमार, सुभाष कुमार प्रसाद, डॉ. जयंत जलद, उज्ज्वल घोष और दीपक कुमार मंडल शामिल रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को संगठन की एक विशेष टीम ने विश्वविद्यालय बाल निकेतन स्कूल, टिल्लाह कोठी, साहेबगंज, लालूचक, श्रीरामपुर, बैरिया, गोसाईदासपुर, मथुरापुर, रशदपुर और शंकरपुर जैसे विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी मुआयना किया था।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बावजूद सरकारी राहत एवं बचाव व्यवस्था नाकाफी है। कई प्रभावित इलाकों में लोग जलजमाव, आवागमन, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, स्वास्थ्य और खाद्य सामग्री की गंभीर किल्लत से जूझ रहे हैं तथा अत्यंत दयनीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। समिति ने मांग की है कि राहत राशि देने के लिए बाढ़ समाप्त होने का इंतजार न कराया जाए। संकट की इस घड़ी में सरकारी सहायता का उद्देश्य कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि समय पर मदद पहुंचाना होना चाहिए।
बाढ़ के कारण बंद पड़े विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए अस्थायी स्कूल या वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था शुरू की जाए। दियारा और जलमग्न गांवों में लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सरकारी नावों का इंतजाम हो और पुलिस नियमित रूप से पेट्रोलिंग करे।
इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी चारा, भूसा, साफ पानी, सुरक्षित आश्रय स्थल और नियमित पशु चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की जाए। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। समिति ने कहा है कि यदि बाढ़ पीड़ितों तक पारदर्शी और त्वरित तरीके से मदद नहीं पहुंचाई गई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।