बिहार से मानसून की विदाई, मौसम बदला और बढ़ी गर्मी

बिहार में दक्षिण पश्चिम मानसून की पूरे देश से आधिकारिक तौर पर विदाई हो चुकी है जिससे राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। मानसून के जाने के बाद पछुआ हवाएं चलने लगी हैं जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है लेकिन तेज धूप के कारण दिन में लोगों को अब भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। बीच-बीच में हल्के बादल छा सकते हैं लेकिन पूरे दिन धूप खिली रहने की उम्मीद है। पछुआ हवाओं के कारण सुबह और देर रात का समय सुहाना रहेगा जबकि दोपहर के समय गर्मी बनी रहेगी।
आज 16 अक्टूबर के लिए मौसम विभाग ने कुछ पूर्वी जिलों यानी जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इन इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है जबकि राज्य के बाकी जिलों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधवारा में सबसे अधिक 37.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
राज्य में तापमान और मौसम का हाल
गुरुवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बना रहा। इसके बावजूद राजधानी पटना समेत 14 जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कैमूर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि पटना में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।
पटना में मौसम मिला-जुला रहेगा। यहां दिन के समय लोगों को गर्मी और उमस का अहसास होगा हालांकि सुबह और देर रात के समय मौसम ठंडा रहेगा। पटना में फिलहाल बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है हालांकि स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण छोटे-मोटे बदलाव हो सकते हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान कैसा रहेगा मौसम
दुर्गा पूजा के पांडल घूमने वालों के लिए मौसम अनुकूल रहने की उम्मीद है। 17 अक्टूबर यानी सप्तमी के दिन उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है हालांकि राज्य में भारी बारिश का कोई खतरा नहीं है। 18 अक्टूबर यानी अष्टमी के दिन सभी जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और मौसम विभाग की तरफ से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 19 अक्टूबर यानी नवमी के दिन पूरे दिन मौसम साफ रहेगा और तेज धूप खिली रहेगी जिससे उत्सव के दौरान लोगों की आवाजाही आसान होगी।