मधुबनी गोलीकांड के बाद एक्शन में बिहार पुलिस, राज्यभर के पिकेट्स की होगी समीक्षा
मधुबनी गोलीकांड के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी 286 पुलिस पिकेट्स की उपयोगिता जांचने का आदेश दिया है।

मधुबनी में एक पुलिसकर्मी द्वारा गोली चलाने की घटना ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस गंभीर घटना के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिस पिकेट्स (चौकियों) की उपयोगिता और प्रभावशीलता का व्यापक मूल्यांकन करने का बड़ा फैसला लिया है। अब यह जांचा जाएगा कि क्या ये पिकेट्स आज के दौर में अपराध नियंत्रण के लिए वास्तव में जरूरी हैं या केवल संसाधनों की बर्बादी कर रहे हैं।
राज्यभर में वर्तमान में लगभग 286 पुलिस पिकेट्स संचालित हो रहे हैं। मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) को निर्देश दिया है कि वे इन चौकियों की समीक्षा करें। इस समीक्षा के मुख्य रूप से तीन पैमाने होंगे: तैनात कर्मियों की संख्या, उपलब्ध हथियारों की सूची और उस इलाके में होने वाले अपराधों का विश्लेषण। इससे यह पता चलेगा कि कौन सी चौकियां वास्तव में अपराध रोकने में मददगार हैं और किन्हें हटाया जा सकता है।
संवेदनशील इलाकों पर रहेगा विशेष फोकस
पुलिस विभाग का मुख्य जोर उन क्षेत्रों पर रहेगा जो बेहद संवेदनशील हैं, जैसे अंतरराज्यीय सीमाएं, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाके और प्रमुख राजमार्ग। इन जगहों पर पिकेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि अपराधियों और तस्करों की गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके। पहले हर जिले में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर 10 से 15 पिकेट्स बनाए गए थे, लेकिन अब अपराध के बदलते स्वरूप और संसाधनों के दुरुपयोग की खबरों ने विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
पूर्णिया के एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि विभाग ने पहले ही कई अनावश्यक पिकेट्स को बंद कर दिया है और कर्मियों के आचरण पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं भागलपुर में जीरोमाइल, एसएम कॉलेज रोड और मायागंज अस्पताल जैसे स्थानों पर सक्रिय पिकेट्स की समीक्षा की जा रही है। भागलपुर एसपी अतुलेश कुमार झा के अनुसार, सभी एसडीपीओ (SDPOs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय लोगों से फीडबैक लें कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों का व्यवहार कैसा है।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद जो पिकेट्स निष्प्रभावी पाए जाएंगे, वहां से बल और संसाधनों को हटाकर अधिक जरूरत वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा। फिलहाल सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।