बिहार पुलिस में जोनल सिस्टम की वापसी, राज्य को 4 जोन में बांटा गया

बिहार सरकार ने 7 साल बाद जोनल पुलिस सिस्टम को दोबारा लागू किया है। अब राज्य 4 जोन में बंटा होगा और निगरानी के लिए 20 नए पद बनाए गए हैं।

Banibrata Chakraborty7 November 20262 min read0 viewsBihar
बिहार पुलिस में जोनल सिस्टम की वापसी, राज्य को 4 जोन में बांटा गया

बिहार में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद, बिहार सरकार ने राज्य में एक बार फिर 'जोनल पुलिस सिस्टम' को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पूरे राज्य के पुलिस ढांचे को चार मुख्य जोन में विभाजित किया गया है, ताकि अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक निगरानी को और बेहतर बनाया जा सके।

इस नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए गृह विभाग ने 20 नए पदों का सृजन किया है, जिनमें डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) स्तर के चार पद शामिल हैं। अब राज्य की पुलिसिंग में एक 'दोहरी निगरानी प्रणाली' (Dual Monitoring System) काम करेगी। इस ढांचे के मुताबिक, प्रत्येक जोन का नेतृत्व एक इंस्पेक्टर जनरल (IG) करेंगे, जबकि उनके अधीन आने वाले रेंज की जिम्मेदारी DIG स्तर के अधिकारियों की होगी। जहाँ DIG रेंज स्तर पर दैनिक कामकाज की निगरानी करेंगे, वहीं IG पूरे जोन की कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तालमेल की समीक्षा करेंगे।

जानें कौन सा जिला किस जोन में आया

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पहले राज्य के 12 अलग-अलग पुलिस रेंज सीधे पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट करते थे, लेकिन अब उन्हें इन चार जोनल कमांड के तहत समेकित कर दिया गया है। रेलवे पुलिस को इस बदलाव से अलग रखा गया है, वह स्वतंत्र इकाई के रूप में ही कार्य करेगी। नए जोन का विवरण इस प्रकार है:

  • पटना जोन: इसमें पटना सेंट्रल, मगध (गया) और शाहबाद (डेहरी) रेंज शामिल होंगे।
  • मुजफ्फरपुर जोन: इसके अंतर्गत तिरहुत (मुजफ्फरपुर), चंपारण (बेतिया) और सारण (छपरा) रेंज आएंगे।
  • दरभंगा जोन: इसमें मिथिला (दरभंगा), कोसी (सहरसा) और पूर्णिया रेंज शामिल किए गए हैं।
  • भागलपुर जोन: इसके दायरे में पूर्वी (भागलपुर), मुंगेर और बेगुसराय रेंज आएंगे।

बिहार सरकार का मानना है कि इस पुनर्गठन से न केवल अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि पुलिस प्रशासन की जवाबदेही भी तय होगी। यह पूरी व्यवस्था 29 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे राज्य के कानून प्रवर्तन ढांचे में एक नई मजबूती आने की उम्मीद है।

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