बिहार में रेलवे फाटक का झंझट होगा खत्म, केंद्र ने 83 ROB को दी मंजूरी, अगले साल बनेंगे 110 और

Pooja Kanjani8 March 20262 min read4 viewsBihar
बिहार में रेलवे फाटक का झंझट होगा खत्म, केंद्र ने 83 ROB को दी मंजूरी, अगले साल बनेंगे 110 और

बिहार के लोगों को जल्द ही रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलने वाली है। शनिवार को हुई एक हाई लेवल मीटिंग में रेलवे और बिहार सरकार के अधिकारियों ने राज्य में 83 नए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला राज्य में यातायात को सुगम बनाने और ‘सुलभ संपर्कता’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लिया गया है। इस बैठक में तय हुआ कि रेलवे अब अपने खुद के संसाधनों से इन पुलों का निर्माण करेगा, जिससे राज्य सरकार पर खर्च का बोझ कम होगा।

अगले साल 110 और नए ओवरब्रिज बनाने की तैयारी

शनिवार, 7 मार्च 2026 को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष (2025-26) में 83 आरओबी पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए 110 और नए आरओबी के प्रस्ताव को मंजूरी देने और उनकी डीपीआर (DPR) तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह पूरी कवायद कुल 223 जगहों पर रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने के लिए की जा रही है। रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के सचिव पंकज कुमार पाल ने पुष्टि की है कि इन सभी 223 क्रॉसिंग के लिए एनओसी (NOC) पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे काम में अब कोई कानूनी अड़चन नहीं आएगी।

रेलवे खुद उठाएगा पूरा खर्चा, इन जिलों को मिलेगा फायदा

लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि इन 223 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अब पूरी तरह से रेलवे अपने फंड से करेगा। पहले नियम के मुताबिक इसमें राज्य और रेलवे को 50:50 के अनुपात में पैसा लगाना होता था, लेकिन अब यह खर्च पूरी तरह रेलवे उठाएगा।

सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि राज्य के किसी भी जिले से राजधानी पटना पहुंचने में 3.5 घंटे से ज्यादा का समय न लगे। पहले चरण में उन इलाकों पर फोकस किया जाएगा जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा है:

  • सहरसा
  • छपरा
  • सीतामढ़ी
  • गया
  • लखीसराय
  • जमुई
  • मुंगेर
  • औरंगाबाद
  • मुजफ्फरपुर

रेलवे के चीफ इंजीनियर (रोड सेफ्टी) प्रमोद कुमार ने बताया कि अलग-अलग रेलवे जोन के बीच तालमेल बैठाया गया है ताकि अगले साल के प्रोजेक्ट्स में कोई देरी न हो। विकास आयुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि जमीन अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम प्राथमिकता पर निपटाया जाए।

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