यात्रियों की सुरक्षा के लिए बिहार परिवहन निगम हटाएगा 107 पुरानी बसें

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 107 पुरानी बसों को कबाड़ में बदलने का फैसला किया है। निगम ने सभी राज्य परिवहन मंडलों में बसों की स्थिति की समीक्षा के बाद यह बड़ा कदम उठाया है।
भागलपुर में स्थिति गंभीर
बीएचएसआरटीसी के मुख्य अभियंता नीतीश कुमार के अनुसार, समीक्षा में उन वाहनों की पहचान की गई है जो अपनी परिचालन जीवन अवधि को पार कर चुके हैं और सड़क पर चलने के अयोग्य पाए गए हैं। यह स्थिति विशेष रूप से भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा डिवीजनों में गंभीर बताई जा रही है, जहां यात्रियों को बार-बार तकनीकी खराबियों के कारण यात्रा में रुकावटों का सामना करना पड़ा है। इन घटनाओं के कारण यात्रियों को काफी देरी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा है।
विशेष तकनीकी जांच टीम का गठन
विभिन्न डिपो में खड़ी और चालू बसों की तकनीकी जांच के लिए एक विशेष इंजीनियरिंग टीम को काम पर लगाया गया है। यह जांच इंजन के प्रदर्शन, चेसिस और बॉडी की स्थिति, उत्सर्जन मानकों, ब्रेकिंग सिस्टम, स्टीयरिंग और कुल सुरक्षा उपकरणों को कवर करेगी। टीम अपनी रिपोर्ट सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगी, जो यह तय करेंगे कि वाहन की मरम्मत की जा सकती है या उसे हटाया जाना चाहिए।
नई और आधुनिक बसों से होगी भरपाई
कबाड़ में हटाने के लिए 107 बसों की पहचान करने के बाद, एक रजिस्टर्ड कबाड़-संग्रह कंपनी ने हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम पुरानी बसों की जगह नई, आधुनिक बसों को शामिल करने का इरादा रखता है जिनमें आरामदायक सीटें, बेहतर रोशनी और बेहतर सेवा समय की पाबंदी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य त्योहारों और शादी के सीजन जैसे उच्च मांग वाले समय के दौरान पुरानी गाड़ियों को चलाने से जुड़े जोखिमों को कम करना है।