बिहार में ओवरलोडेड गाड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त एक्शन, अब सिर्फ जुर्माना देकर नहीं छूटेगी गाड़ी

MyBhagalpur Team6 October 20263 min read0 viewsBihar
बिहार में ओवरलोडेड गाड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त एक्शन, अब सिर्फ जुर्माना देकर नहीं छूटेगी गाड़ी

बिहार परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ सख्त और चरणबद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। इस खबर में जानिए वाहन चालकों के लिए नए नियम, जांच अभियान और जिलों के आंकड़े।

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिहार में ओवरलोडेड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई शुरू।
  • चालक अब केवल ऑनलाइन या मौके पर जुर्माना भरकर आगे की यात्रा जारी नहीं रख पाएंगे।
  • गाड़ी की क्षमता से अधिक सामान होने पर अतिरिक्त सामान पूरी तरह उतारने के बाद ही वाहन को आगे जाने की अनुमति मिलेगी।
  • पूर्णिया समेत कई जिलों में अवैध सामान की खेप जब्त की गई है और मुख्यालय लाइव मॉनिटरिंग कर रहा है।
  • भागलपुर के एमवीआई एस मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ओवरलोडिंग के खिलाफ रोजाना अभियान चलाया जा रहा है।

नए नियमों के तहत गाड़ी आगे बढ़ाना हुआ मुश्किल

बिहार परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई शुरू कर दी है। नए नियमों के तहत वाहन संचालक अब केवल ऑनलाइन या ऑन-द-स्पॉट जुर्माना भरकर अपनी यात्रा जारी नहीं रख पा रहे हैं। पहले ड्राइवर अक्सर लंबी दूरी तय करने के लिए मामूली जुर्माना भर देते थे, जिस पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
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अतिरिक्त सामान उतारना हुआ अनिवार्य

विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अतिरिक्त वजन लादकर पकड़े गए वाहनों को तब तक आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि वाहन की तय क्षमता के अनुसार अतिरिक्त सामान पूरी तरह से उतार नहीं लिया जाता। अधिकारी जांच स्थलों के पास निर्दिष्ट यार्ड या पार्किंग स्थानों की पहचान कर रहे हैं ताकि इस सामान उतारने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। परिवहन मुख्यालय फील्ड स्तर पर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए इन कार्यों की लाइव निगरानी कर रहा है। पिछले 10 दिनों के दौरान टीमों ने पूर्णिया सहित कई जिलों में अवैध सामान की खेप जब्त की है।

संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा औचक निरीक्षण

जिला परिवहन अधिकारियों, मोटर वाहन निरीक्षकों, खनन अधिकारियों, अनुमंडल अधिकारियों और अनुमंडल पुलिस अधिकारियों से बनी प्रवर्तन टीमें रोजाना औचक निरीक्षण कर रही हैं। ये संयुक्त टास्क फोर्स मुख्य सड़कों के साथ-साथ अवैध खनन और परिवहन से जुड़े ग्रामीण और सीमावर्ती मार्गों पर भी नजर रख रही है। इसमें मोबाइल दस्तों और पुलिस बलों के सहयोग से रात में औचक जांच भी शामिल है।

विगत वर्ष का जुर्माना और जब्ती का आंकड़ा

पिछले एक साल के दौरान ओवरलोडेड वाहनों पर लगाए गए जुर्माने का डेटा इस प्रकार है: पटना ने 12,500 वाहन जब्त/दण्डित किए और 18.40 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला; रोहतास ने 11,200 वाहन और 16.15 करोड़ रुपये; औरंगाबाद ने 9,800 वाहन और 14.50 करोड़ रुपये; गया ने 9,100 वाहन और 13.20 करोड़ रुपये; कैमूर (भभुआ) ने 8,500 वाहन और 11.90 करोड़ रुपये; भोजपुर ने 7,600 वाहन और 10.45 करोड़ रुपये; बेगूसराय ने 6,900 वाहन और 9.30 करोड़ रुपये; मुजफ्फरपुर ने 6,200 वाहन और 8.75 करोड़ रुपये; भागलपुर ने 5,800 वाहन और 7.80 करोड़ रुपये; और नवादा ने 5,200 वाहन और 7.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। भागलपुर में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) एस. मिश्रा ने पुष्टि की कि जुर्माना भरने और माल को अधिकृत स्तर तक कम करने के बाद ही वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ओवरलोडिंग के खिलाफ रोजाना अभियान चलाए जा रहे हैं।

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