बिहार के नौ जलाशयों में शुरू होंगे वाटर स्पोर्ट्स, जानिए पूरी खबर

बिहार में पर्यटन और खेल को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने चार जिलों के नौ जलाशयों और रोहतास के डेहरी स्थित इंद्रपुरी बैराज में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को वाटर स्पोर्ट्स का आनंद मिलेगा।
इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- बिहार के पांच जिलों में वाटर स्पोर्ट्स शुरू होंगे।
- इसके लिए चार जिलों के नौ जलाशयों और एक बैराज का चयन किया गया है।
- जल संसाधन विभाग ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग को एनओसी दे दी है।
- वाटर स्पोर्ट्स संचालन के लिए कई कड़े नियम और शर्तें तय की गई हैं।
किन जगहों पर शुरू होंगे वाटर स्पोर्ट्स
चयनित जलाशयों में बांका जिले के बड़ुआ और ओढ़नी, लखीसराय का मोरवे, जमुई के गढ़ी, ऊपरी किउल और नागी-नकटी, तथा मुंगेर के खरगपुर और अंजन-कुकुरझप जलाशय शामिल हैं। इसके अलावा रोहतास के डेहरी में इंद्रपुरी बैराज को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
जल संसाधन विभाग ने दी एनओसी और शर्तें
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने वाटर स्पोर्ट्स के लिए जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी मांगी थी, जिसे अब कुछ खास शर्तों के साथ मंजूर कर लिया गया है। भागलपुर में जल संसाधन विभाग (सिंचाई सृजन) के मुख्य अभियंता चारुचंद मिश्रा ने पुष्टि की है कि भागलपुर और डेहरी दोनों के मुख्य इंजीनियरों को एनओसी को अंतिम रूप देने का निर्देश दे दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया तो एनओसी रद्द कर दी जाएगी।
एनओसी के लिए तय किए गए मुख्य नियम
1) साइटों के पास किसी भी मौजूदा ढांचे के साथ छेड़छाड़ या नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
2) इन सभी साइटों का मालिकाना हक जल संसाधन विभाग के पास ही रहेगा।
3) किसी भी विभागीय संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर उसकी मरम्मत का पूरा खर्च काम कराने वाले विभाग को उठाना होगा।
4) जल संसाधन विभाग के संबंधित कार्यकारी इंजीनियरों को पहले से ही पूरी योजना जमा करके मंजूरी लेनी होगी।
5) सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और किसी भी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी काम कराने वाले विभाग की होगी।
6) विभागीय जमीन पर फैले कचरे को साफ करने की जिम्मेदारी भी उसी विभाग की होगी।
7) काम के हित में क्षेत्रीय जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों के सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
8) जल संसाधन विभाग के निर्देशानुसार अन्य सभी जरूरी काम भी करने होंगे।
9) वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की गुणवत्ता और मानकों की पूरी जिम्मेदारी काम कराने वाले विभाग पर होगी।
10) वाटर स्पोर्ट्स को भविष्य में बढ़ाने के लिए विभाग से पहले अनुमति लेनी होगी।
11) पानी के बहाव या जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट या अतिक्रमण नहीं किया जाना चाहिए।