बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी, अब सफर होगा आसान

बिहार कैबिनेट ने 19 अगस्त 2026 को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की लंबाई 336 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 3,700 करोड़ रुपये है। इसे छह-लेन, एक्सेस-कंट्रोल हाईवे के रूप में डिजाइन किया गया है। यह एक्सप्रेसवे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत डिज़ाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर (DBFOT) ढांचे पर बनाया जाएगा, जिसमें उपयोगकर्ताओं के लिए टोल चार्ज लागू होगा। बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) को इसकी कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है और इसे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और transacción एडवाइजरी सेवाओं के लिए सलाहकार नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
यह एक्सप्रेसवे ट्रैफिक सिग्नल, रेलवे क्रॉसिंग, कट और यू-टर्न को खत्म करने के लिए इंजीनियर किया गया है, जिससे वाहन 120 किमी/घंटा तक की गति बनाए रख सकेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि इस नए मार्ग से बक्सर और Bhagalpur के बीच यात्रा का समय लगभग आठ घंटे से घटकर चार घंटे रह जाएगा। यह कॉरिडोर 13 जिलों से गुजरेगा: बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर।
व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला यह प्रोजेक्ट दक्षिणी और पूर्वी बिहार से दिल्ली तक सड़क कनेक्टिविटी को बढ़ाने की उम्मीद है। 25 अगस्त 2026 को पुष्टि की गई रिपोर्टों के अनुसार, DPR के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार इस विकास को पूरे क्षेत्र में व्यापार, माल ढुलाई और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के एक रणनीतिक कदम के रूप में देखती है, जिसमें मार्ग के साथ जमीन की कीमतों में वृद्धि का अनुमान है।