किशनगंज के रेस्तरां से बाल मजदूर मुक्त

बिहार के किशनगंज जिले में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान चलाया है। इस विशेष जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने एक बच्चे को काम करते हुए बचाया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
- दिघलबैंक के टप्पू बाजार में हुई छापेमारी
- नवाब फास्ट फूड और हैदराबाद बिरयानी रेस्तरां की जांच
- बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया बच्चा
छापेमारी और रेस्क्यू अभियान
रविवार को किशनगंज के दिघलबैंक के टप्पू बाजार में अधिकारियों द्वारा एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। दिघलबैंक के श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल शर्मा के नेतृत्व में गठित टास्क फोर्स ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। निरीक्षण के दौरान टीम ने नवाब फास्ट फूड और हैदराबाद बिरयानी रेस्तरां की जांच की। जांच में प्रतिष्ठान में एक नाबालिग बच्चा काम करते हुए मिला जिसे तुरंत वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस अभियान में कोचाधामन के श्रम प्रवर्तन अधिकारी संतोष कुमार दास और यूनाइट फाउंडेशन के प्रतिनिधि परिमल कुमार भी शामिल थे।
आगे की कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत दुकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। बचाए गए बच्चे को सुरक्षा और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए किशनगंज में बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यूनाइट फाउंडेशन के परिमल कुमार ने जोर देकर कहा कि बच्चों को जबरन मजदूरी से मुक्त कराने और उन्हें शिक्षा तथा एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य के साथ ऐसे बाल श्रम विरोधी अभियान जारी रहेंगे।