स्कूली बच्चों ने धन्वंतरि जयंती मनाई, रैली निकाल ग्रामीणों को किया जागरूक
अररिया के मधुरा गांव में स्कूली बच्चों ने धन्वंतरि जयंती मनाई और दीपावली पर पटाखों से बचने के लिए जागरूकता रैली निकाली।

अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ धन्वंतरि जयंती मनाई। इस खास मौके पर न केवल उत्सव मनाया गया, बल्कि स्कूली बच्चों ने एक जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को दीपावली के पर्व पर पटाखों और आतिशबाजी के खतरों के प्रति सचेत भी किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने बच्चों को धनतेरस, यम द्वितीया और दीपावली जैसे त्योहारों के धार्मिक और सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। वहीं, युवा शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने आयुर्वेद की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में भी आयुर्वेद की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है और इसे किसी भी तरह कम नहीं आंकना चाहिए।
पर्यावरण और सुरक्षा का संदेश
शिक्षिका कुमारी कंचन माला और कुमारी भारती ने बच्चों को त्योहारों के दौरान संयमित रहने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे पटाखों और फुलझड़ियों से खुद को सुरक्षित रखें और अपने घर-गांव को भी दुर्घटनाओं से बचाएं। इस दौरान कंचन माला ने एक भावुक अपील करते हुए कहा कि मां लक्ष्मी से यही प्रार्थना है कि चाहे धन बरसे या न बरसे, लेकिन कोई भी गरीब दो वक्त की रोटी के लिए तरसने वाला न रहे।
पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें हवा, पानी, अनाज और फल-सब्जियों के रूप में अनमोल उपहार दिए हैं, लेकिन मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए इनका अंधाधुंध दोहन कर रहा है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने पॉलिथीन के इस्तेमाल और पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति भी लोगों को आगाह किया।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने गांव में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। इस रैली के दौरान बच्चों ने पटाखों और आतिशबाजी से बचाव को लेकर कई प्रभावशाली नारे लगाए, जिससे ग्रामीण काफी प्रभावित नजर आए।