वैशाली में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन के वार्षिक सम्मेलन में भागलपुर के जाने-माने चिकित्सक डॉ. हेमशंकर शर्मा को प्रतिष्ठित आउटस्टैंडिंग क्लिनिकल मेडिकल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम 26 और 27 सितंबर 2026 को हुआ था।
- डॉ. हेमशंकर शर्मा को मिला प्रतिष्ठित सम्मान
- वैशाली के वार्षिक सम्मेलन में हुआ सम्मान
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर दिया मुख्य भाषण
डॉ. शर्मा, जो जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर के पूर्व प्राचार्य हैं, ने क्लिनिकल मेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के मेल पर एक मुख्य व्याख्यान दिया। अपने संबोधन के दौरान, डॉ. शर्मा ने जोर देकर कहा कि
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डॉक्टरों का विकल्प नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सक्षम एक शक्तिशाली सहयोगी है। उन्होंने समझाया कि एआई बड़े पैमाने पर क्लिनिकल डेटा का तेजी से और सटीक विश्लेषण करने में सक्षम बनाकर क्रांतिकारी साबित होगा, जो गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने, मरीज के जोखिम स्तर का आकलन करने और सटीक उपचार योजना तैयार करने में मदद करता है। डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि
एआई का लाभ उठाकर डॉक्टर अपने मरीजों की मानसिक स्थिति को समझने, सार्थक बातचीत करने और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने के लिए अधिक समय दे पाएंगे।
डॉ. शर्मा के अलावा, दरभंगा मेडिकल कॉलेज (डीएमसीएच) के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष
डॉ. ए.के. गुप्ता को भी चिकित्सा शिक्षा और क्लिनिकल प्रैक्टिस में उनके विशिष्ट योगदान के लिए इसी सम्मेलन में आउटस्टैंडिंग क्लिनिकल मेडिकल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।