बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसान ऐसे करें अगेती गोभी की खेती

MyBhagalpur Team19 September 20261 min read11 viewsDevelopment and good news
बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसान ऐसे करें अगेती गोभी की खेती

बाढ़ वाले इलाकों के किसान फसल के नुकसान से बचने और मुनाफा बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती के तरीके अपना सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने का इंतजार करने के बजाय किसान तुरंत प्लास्टिक प्रो-ट्रे में फूलगोभी के पौधे तैयार करना शुरू कर दें।

  • प्लास्टिक प्रो-ट्रे में पौधे तैयार करने से काफी समय बचता है।
  • पानी कम होते ही किसान सीधे कीचड़ में पौधे लगा सकते हैं।
  • इससे फसल जल्दी तैयार होती है और पैदावार भी अच्छी मिलती है।

गोभी की खेती में समय का महत्व

गोभी की खेती में मुनाफा कमाने के लिए समय बहुत जरूरी है। जो किसान फसल लगाने में देरी करते हैं, उन्हें एक फूलगोभी के केवल 2 से 3 रुपये ही मिलते हैं। इसके विपरीत, जो किसान अपनी फसल जल्दी बाजार में ले आते हैं, वे प्रति फूलगोभी 25 से 30 रुपये तक का दाम पा सकते हैं।

लागत और मुनाफा

उत्पादन लागत की बात करें तो, फूलगोभी के एक पौधे की कीमत लगभग 25 पैसे होती है। इसमें खाद और देखभाल का खर्च मिलाने पर प्रति पौधा कुल लागत लगभग 5 रुपये हो जाती है। परिणामस्वरूप, किसान प्रति पौधे 20 रुपये तक का शुद्ध लाभ कमा सकते हैं। इसके अलावा, किसान एक ही जमीन पर फूलगोभी के साथ मूली की खेती करके यानी अंतर-फसल तकनीक अपनाकर अपनी कमाई और बढ़ा सकते हैं।

सबौर अग्रिम किस्म की सिफारिश

भागलपुर और आसपास के इलाकों के किसानों के लिए, अगेती खेती के रूप में 'सबौर अग्रिम' किस्म की सलाह दी जाती है। सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) द्वारा विकसित यह किस्म अपनी ज्यादा पैदावार और बड़े, आकर्षक फूलगोभी के लिए जानी जाती है, जो जल्दी और बेहतर मुनाफा चाहने वाले स्थानीय किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है।

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