भागलपुर के सदर अस्पताल में इलाज के बाद एक अज्ञात बुजुर्ग मरीज को क्षतिग्रस्त पार्किंग एरिया में कथित तौर पर लावारिस छोड़ दिया गया। यह घटना 1 सितंबर 2026 को सामने आई, जिसमें वह बुजुर्ग व्यक्ति तेज शारीरिक दर्द से पीड़ित होने के बावजूद बेसहारा हालत में मिला। एक स्थानीय युवक ने अस्पताल के जर्जर पार्किंग हिस्से में बुजुर्ग व्यक्ति को देखा और तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए उस मरीज को जरूरी इलाज के लिए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दोबारा भर्ती कराया।
इन आरोपों के जवाब में सदर अस्पताल के प्रबंधन ने इस घटना की किसी भी जानकारी या मरीज को छोड़ने में संलिप्तता से औपचारिक रूप से इनकार किया है। देखभाल में यह कथित लापरवाही तब सामने आई है जब सुविधा में रोगी प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए हाल ही में संस्थागत प्रयास किए गए हैं।
साल 2025 के अंत तक अस्पताल ने उपचार प्रक्रियाओं को डिजिटल करने के लिए 'भव्य ऐप' लागू किया था और जुलाई 2026 में प्रशासन ने गंभीर रूप से बीमार मरीजों की सहायता के लिए एक नए 4-बेड वाले इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) का उद्घाटन किया था। इसके अलावा, अस्पताल ने हाल ही में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत किया है और रोगी सेवाओं को अनुकूलित करने के उद्देश्य से एक नई रेफरल प्रणाली भी स्थापित की है।