अनोखी आस्था: 2 महीने की बेटी को डोली में बैठाकर दंडवत यात्रा पर निकले पिता, देखें खास इंतजाम

श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ के प्रति भक्तों की गहरी आस्था देखने को मिल रही है। इसी बीच कच्ची कांवरिया पथ पर एक अद्भुत नजारा सामने आया है। मुजफ्फरपुर के रहने वाले मिथिलेश कुमार अपनी महज दो महीने की नवजात बेटी को डोली में बैठाकर दंडवत (लेटकर) यात्रा करते हुए देवघर जा रहे हैं। पिता का अपनी बेटी के प्रति यह प्रेम और भगवान पर अटूट विश्वास लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
मिथिलेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार में पहले से एक बेटा है, लेकिन उन्हें बेटी की कमी महसूस होती थी। पिछले साल जब वह बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने आए थे, तब उन्होंने बेटी के जन्म की मन्नत मांगी थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर उनके घर बेटी होगी, तो वह दंडवत यात्रा करते हुए उसे बाबा के दरबार लेकर जाएंगे। इस साल उनकी मन्नत पूरी हुई और वह सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर के लिए निकल पड़े हैं।
कड़कती धूप और उमस भरे मौसम में बच्ची को कोई परेशानी न हो, इसके लिए मिथिलेश ने खास इंतजाम किए हैं। उन्होंने एक विशेष डोली तैयार करवाई है, जिसमें बच्ची की सुविधा के लिए छोटा पंखा, लाइट और इन सबको चलाने के लिए सोलर पैनल लगाया गया है। इस व्यवस्था की वजह से बच्ची डोली के अंदर पूरी तरह सुरक्षित और आराम से है।
कच्ची कांवरिया पथ से गुजरने वाले शिवभक्त इस नजारे को देखकर दंग हैं और रुक-रुक कर मिथिलेश की कठिन साधना और बेटी के प्रति उनके प्रेम की सराहना कर रहे हैं। मिथिलेश कुमार की यह यात्रा न केवल एक धार्मिक संकल्प है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और उनके महत्व को बढ़ावा देने वाला एक सकारात्मक संदेश भी है।