बीएन कॉलेज में एआई और आईसीटी पर छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू

MyBhagalpur Team3 October 20262 min read0 viewsDevelopment and good news
बीएन कॉलेज में एआई और आईसीटी पर छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू

भागलपुर के बीएन कॉलेज में शनिवार से छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत हो गई है। यह कार्यक्रम पटना यूनिवर्सिटी के यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

  • कार्यक्रम का विषय: नेक्स्ट जनरेशन एकेडमिया हार्नेसिंग आईसीटी एंड एआई फॉर टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च
  • उद्घाटन: टीएमबीयू के रजिस्ट्रार डॉ. रामाशिष पूर्वे और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया
  • पहले दिन चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए

उद्घाटन सत्र और मुख्य बातें

बीएन कॉलेज में छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत शनिवार को हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन पटना यूनिवर्सिटी के यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य विषय नेक्स्ट जनरेशन एकेडमिया हार्नेसिंग आईसीटी एंड एआई फॉर टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च है। उद्घाटन समारोह में टीएमबीयू के रजिस्ट्रार डॉ. रामाशिष पूर्वे और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार के साथ अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

तकनीकी सत्र और प्रस्तुतियां

पहले दिन शिक्षा और शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करते हुए चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र के दौरान राज्यपाल के सलाहकार प्रोफेसर बीके त्रिपाठी ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने बौद्धिक, शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक क्षमताओं को एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन की गई भारत-केंद्रित शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया। वर्तमान पश्चिमी-प्रभावित ढांचे की तुलना पारंपरिक भारतीय प्रणालियों से करते हुए, उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों और नालंदा तथा तक्षशिला जैसे बौद्ध केंद्रों के समृद्ध शिक्षण वातावरण की वकालत की। दूसरे तकनीकी सत्र में प्रचंद प्रवीर ने डिजिटल युग में भाषा शिक्षण में एआई की भूमिका और प्रभाव पर चर्चा की। तीसरे सत्र में बीसीई के डॉ. राज अन्वित ने रिसर्च पेपर तैयार करने में एआई के उपयोग और महत्व के बारे में बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई का प्रभावी उपयोग सटीक संकेत प्रदान करने पर निर्भर करता है और एआई-तैयार सामग्री पर पूरी तरह आंख मूंदकर भरोसा करने के खिलाफ आगाह किया। दिन के चौथे और अंतिम सत्र में प्रोफेसर टी. दासगुप्ता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी सिद्धांतों पर एक ऑनलाइन प्रस्तुति दी। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के नोडल अधिकारी डॉ. कमल प्रसाद, कॉलेज कोऑर्डिनेटर डॉ. आरती कुमारी और असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. अंबिका कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शैलेश आनंद ने किया।

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