बिहार के कहलगांव में बाढ़ से पंचायत जियो-टैगिंग का काम रुका, समय सीमा बढ़ी

भागलपुर के कहलगांव ब्लॉक में 2011 की जनगणना के आधार पर चल रहा पंचायत सीमांकन और जियो-टैगिंग का काम गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण रुक गया है। क्षेत्र के कुल 658 जनगणना ब्लॉकों में से लगभग 400 ब्लॉकों का जियो-टैगिंग काम पूरा हो चुका था, लेकिन बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव के कारण फील्ड सर्वे का काम ठप पड़ गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 सितंबर की मूल समय सीमा को तीन दिन और बढ़ा दिया है। इस बाढ़ से कुल 11 पंचायतें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिनके नाम भोल्सर, प्रशस्तडीह, कोडवार, घोघा, जनीडीह, पक्कीसराय, आंतीचक, किशनदासपुर, बीरबन्ना, मोहनपुर घोगटा और ओगारी हैं। ओगारी राजस्व गांव और महेशनमुंडा का आधा हिस्सा इस समय पूरी तरह डूबा हुआ है और मुख्य आने-जाने के रास्ते पानी में डूबे हैं। सर्वे का काम करने के लिए प्रशासनिक टीमों को अब इन इलाकों तक पहुंचने के लिए नावों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।