भागलपुर के पूर्व इंजीनियर श्रीकांत शर्मा हुए सस्पेंशन से मुक्त

बिहार सरकार के सड़क निर्माण विभाग ने भागलपुर ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के पूर्व कार्यकारी इंजीनियर श्रीकांत शर्मा को लेकर एक बड़ा फैसला जारी किया है। श्रीकांत शर्मा का सस्पेंशन उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख यानी 31 अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया गया है। विभाग के उप सचिव राकेश कुमार द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि प्रशासनिक राहत दी गई है, लेकिन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
विजिलेंस जांच और छापेमारी से जुड़ा है मामला
यह पूरी जांच 3 अक्टूबर 2023 को विजिलेंस इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो द्वारा की गई हाई-प्रोफाइल छापेमारी से जुड़ी हुई है। जोगसर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर तलाशी के दौरान अधिकारियों ने भारी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए थे। इसके बाद ब्यूरो ने शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। यह राशि 1,47,41,569 रुपये की थी। इस कार्रवाई के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।
सस्पेंशन पीरियड और पेंशन पर फैसला
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 3 अक्टूबर 2023 से 31 अगस्त 2026 तक की सस्पेंशन अवधि का मामला विभागीय जांच के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगा, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उनके वेतन, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों के बारे में निर्णय इसी जांच के नतीजों के आधार पर तय किया जाएगा। यदि वित्तीय कदाचार के आरोप साबित होते हैं, तो उनकी पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों की वसूली या जब्ती की जा सकती है।