भागलपुर में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही तटीय इलाकों में तबाही का नया दौर शुरू हो गया है। गंगा नदी तेजी से अपनी मुख्य धारा की ओर लौटने लगी है। जलस्तर नीचे जाने के बावजूद लौटती धारा की तेज रफ्तार ने तट की मिट्टी और सुरक्षात्मक संरचनाओं को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। रविवार को राघोपुर के तटीय इलाकों में इस बदलते रुख को देखकर ग्रामीण गहरे संकट और चिंता में डूब गए हैं।
- भागलपुर में गंगा नदी तेजी से अपनी मुख्य धारा की ओर लौटने लगी है
- राघोपुर के ब्रह्म बाबा स्थान के पास नदी की तेज धारा का सबसे घातक असर देखा जा रहा है
- जियो बैग की दीवार बहने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है
- भागलपुर जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है
राघोपुर के ब्रह्म बाबा स्थान के पास नदी की तेज धारा का सबसे घातक असर देखा जा रहा है। बाढ़ के समय जिस जियो बैग की दीवार ने राघोपुर के लिए सुरक्षा कवच का काम किया था, अब लौटती गंगा की धारा उसी दीवार के हिस्सों को अपने साथ बहा ले जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह ताश के पत्तों की तरह ढहने से ग्रामीणों की चिंता काफी बढ़ गई है। स्थानीय निवासी त्रिलोकी नाथ दिवाकर ने बताया कि गंगा के लौटने का अपना एक अलग और भयानक रूप होता है। बाढ़ के समय नदी का फैलाव जितना डराता है, पानी उतरने के बाद मुख्य धारा में लौटती गंगा तटीय गांवों के लिए उससे कहीं ज्यादा बड़ा खतरा बन जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि राघोपुर में कटाव की शुरुआत हो चुकी है और जियो बैग का बहना आने वाले दिनों में तट पर भारी दबाव बढ़ने का साफ संकेत है। ग्रामीणों के अनुसार, केवल नदी के घटते जलस्तर को देखकर राहत की सांस नहीं ली जा सकती। बाढ़ के कारण जो तट पहले ही कमजोर हो चुके हैं, वहां खतरा सबसे अधिक है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन को केवल पानी के घटने पर ही नहीं, बल्कि धारा किस दिशा में मुड़ रही है, किस संवेदनशील स्थान पर नदी का दबाव सबसे ज्यादा है, और किन हिस्सों से मिट्टी खिसक रही है, इन सभी बिंदुओं पर चौबीसों घंटे लगातार निगरानी रखनी होगी। फिलहाल, राघोपुर में जियो बैग का बहना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है और ग्रामीणों की नजरें अब नदी के बदलते रुख तथा प्रशासनिक मुस्तैदी पर टिकी हैं।
राघोपुर में बढ़ते कटाव और जियो बैग बहने की सूचना पर भागलपुर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद लौटती धारा से होने वाले कटाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम को तुरंत राघोपुर के प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में भेजा गया है। कटाव निरोधक कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जियो बैग की दीवार को और सुदृढ़ किया जा सके। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन हर स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है।