सुल्तानगंज में गंगा का कहर, खतरे के निशान से ऊपर पानी

सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.01 मीटर ऊपर पहुंच गया है। 6 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे जलस्तर 36.51 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरा 34.50 मीटर पर है। सुल्तानगंज ब्लॉक में भयंकर बाढ़ आ गई है। तिलकापुर, महसी, अंग्रेजी छीछौन, गनगनिया और कमरगंज पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं और ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। सुल्तानगंज-भागलपुर मुख्य मार्ग पर नसोपुर और तिलकापुर बगीचा के पास दर्जनों पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों के लिए चारे की तलाश में परेशानी हो रही है। सुल्तानगंज के अंचल अधिकारी (CO) रमन कुमार ने पुष्टि की है कि महसी और गनगनिया पंचायतों में आने-जाने के लिए नावें लगा दी गई हैं। विस्थापितों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू करने की मांग हो रही है, लेकिन CO कुमार ने कहा कि वे जिला प्रशासन के संपर्क में हैं और सरकारी आदेश के अनुसार आगे बढ़ेंगे। यह संकट बिहार की बड़ी आपदा का हिस्सा है, जिसके तहत 6 सितंबर तक 11 जिलों में 19.57 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 5 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर और नौगचिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तटबंधों और संवेदनशील निचले इलाकों पर चौबीस घंटे नजर रखने का आदेश दिया। राज्य सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को तैनात कर दिया है, जबकि जल संसाधन विभाग ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। बाढ़ के कारण जमालपुर-भागलपुर रेलखंड भी प्रभावित हुआ है। सुल्तानगंज और रतनपुर के बीच पटरियां पानी में डूब गई हैं, जिससे ट्रेनों का परिचालन रद्द और डायवर्ट करना पड़ा है।