भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में हो रही तेजी से वृद्धि ने प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है।
मुख्य बातें:
- इस्माईलपुर-बिंद टोली स्पर के पास गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे है।
- मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है।
- तटबंधों पर दबाव बढ़ने से बाढ़ नियंत्रण विभाग सतर्क हो गया है और चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है।
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंद टोली स्पर के पास गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान से महज 17 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। दूसरी तरफ, कोसी नदी भी उफान पर है। मदरौनी में कोसी का जलस्तर चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका जताई जा रही है।
नदियों में उफान के बाद बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध समेत अन्य संवेदनशील स्परों पर दबाव काफी बढ़ गया है। खतरे को भांपते हुए विभाग ने सभी फ्लड फाइटिंग इंजीनियरों और कर्मियों को अलर्ट कर दिया है। तटबंधों की चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या रिसाव की सूचना पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।