भागलपुर में 8 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे गंगा नदी का जलस्तर घटकर 32.91 मीटर पर आ गया है, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से 77 सेंटीमीटर नीचे है।
- शहर में पानी खतरे के निशान से नीचे आया, लेकिन चेतावनी बिंदु से ऊपर है।
- कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।
- सुलतानगंज और कहलगांव में जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है।
केंद्रीय जल आयोग की 8 अक्टूबर की सुबह 6:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार,
कहलगांव में जलस्तर खतरे के निशान से 76 सेंटीमीटर ऊपर था और रात 10:00 बजे तक 40 सेंटीमीटर कमी का अनुमान था। सुलतानगंज में 7 अक्टूबर को जलस्तर 35.95 मीटर दर्ज किया गया, जो 34.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.45 मीटर अधिक है और अभी भी खतरे के स्तर से ऊपर बना हुआ है।
हफ्ते की शुरुआत में कहलगांव की पक्की सराय पंचायत के निचले इलाकों में पानी फिर से घुस गया था। वहीं, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रशासन और हॉस्टल के रहने वाले लोगों ने जलस्तर स्थिर होने पर राहत की सांस ली है।
सीओ हर्षा कोमल समेत स्थानीय अधिकारी अलर्ट पर हैं और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राहत वितरण के लिए निगरानी जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 8 अक्टूबर तक जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है, और राज्य का जल संसाधन विभाग जलस्तर घटने के रुझान पर लगातार नजर बनाए हुए है।