कहलगांव में गंगा नदी के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी हुई है और यह खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। अधिकारियों ने बुधवार की तुलना में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की है, जिससे वर्तमान जलस्तर 31 मीटर और 93 सेंटीमीटर हो गया है। जलस्तर में लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार वृद्धि हो रही है।
- कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा।
- बढ़ते पानी से निचले इलाकों में सैकड़ों घर डूबे।
- सहायक नदियां उफनाने से सैकड़ों एकड़ फसल डूबी।
बढ़ते पानी ने तौफील, अंथावान, पकड़टल्ला, अमापुर और एकचारी रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों सहित निचले इलाकों में सैकड़ों घरों को डुबो दिया है। इन गांवों के अन्य हिस्सों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा, रेलवे लाइन के दोनों तरफ और एनएच-80 हाईवे पर कई जगहों पर पानी जमा हो गया है।
तौफील में साहू बियार में कटाव फिलहाल बंद हो गया है क्योंकि नदी पूरी क्षमता से भर चुकी है, लेकिन इससे जुड़ी जलराशियां यानी कुआं, भायना, गेरुआ और घोरहा नदियां भी उफन रही हैं। इन सहायक नदियों का पानी खेतों (बियार क्षेत्रों) में तेजी से फैल रहा है। इस बाढ़ से धान, हरी मिर्च, मक्का, ढैंचा और अरहर सहित सैकड़ों एकड़ फसलें डूब गई हैं।