गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, भागलपुर और मुंगेर में बढ़ी चिंता

MyBhagalpur Team30 September 20262 min read8 viewsBihar
गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, भागलपुर और मुंगेर में बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश से आए पानी के कारण बिहार में गंगा नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। मंगलवार को नदी पटना के गांधी घाट और हाथीदह में खतरे के निशान को पार कर गई, जिससे मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर और कहलगांव जैसे निचले इलाकों में फिर से बाढ़ आने का डर पैदा हो गया है। जल संसाधन विभाग का कहना है कि जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति बहुत खतरनाक बाढ़ जैसी नहीं होगी।

गांधी घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हाथीदह में यह निशान से 01 सेंटीमीटर ऊपर था। विभाग के इंजीनियरों ने बताया कि वर्तमान स्तर मुंगेर में खतरे के निशान से 1.42 मीटर नीचे, भागलपुर में 1.29 मीटर नीचे और कहलगांव में 34 सेंटीमीटर नीचे है, जिसका मतलब है कि एक मीटर की वृद्धि होने पर भी पानी खतरे के निशान से नीचे ही रहेगा। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद में 15 सेमी, वाराणसी में 79 सेमी, बक्सर में 86 सेमी, दीघा में 61 सेमी, गांधी घाट में 57 सेमी, हाथीदह में 35 सेमी, मुंगेर में 24 सेमी, भागलपुर में 15 सेमी और कहलगांव में 03 सेमी पानी बढ़ा है। विजय घाट पुल पर कोसी नदी 31.34 मीटर दर्ज की गई, जो 31 मीटर के खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर है। बुधवार को कहलगांव में 17 सेमी और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

साहेबगंज में रेल सेवा प्रभावित


साहेबगंज में तटबंध कटने के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। डाउन लाइन पर यात्री और मालगाड़ी का आना-जाना बंद है। मंगलवार को चार ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि छह अन्य ट्रेनों को भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट, जमालपुर-मुंगेर-कटिहार और किउल-झाझा-खाना सेक्शन से डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा, एक पैसेंजर ट्रेन और एक एक्सप्रेस ट्रेन को साहिबगंज में ही रोक दिया गया है। बुधवार को भी रेल सेवाओं में बाधा आने की आशंका है।

प्रशासन अलर्ट और मवेशी पालकों की बढ़ी परेशानी


सुल्तानगंज और पीरपैंती में निचले इलाकों में पानी घुसने के कारण स्थानीय प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग और जल संसाधन विभाग ने अगले 3 से 4 दिनों में जलस्तर में एक मीटर और बढ़ोतरी होने की भविष्यवाणी की है। जिला परिषद सदस्य आशा जायसवाल ने बताया कि पानी बढ़ने से पशुपालकों और खेती करने वाले मजदूरों को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। दियारा और निचले इलाकों में चरने की जमीन डूबने से पशुओं के लिए चारे की कमी हो गई है, जिससे लोगों को नेशनल हाईवे 80 के किनारे ऊंचे स्थानों पर मवेशियों को ले जाना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और सभी संबंधित अंचल अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment