भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड के टपुआ दियारा इलाके में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे यह गांव धीरे-धीरे चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है और इसका संपर्क कट गया है।
- सुबोध यादव, महेश्वर साह, सुनील सौरभ, अटल और अजय सहित स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गंगा के उफान से मरगंगा नदी भी भर गई है।
- इससे खेतों में लगी फसलें पानी में डूब गई हैं।
- गंगा के उस पार का इलाका पूरी तरह पानी में डूब चुका है, जिससे स्थानीय किसानों ने अपने मवेशियों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
23 अगस्त 2026 तक पीरपैंती में 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे इलाके में पानी का संकट और बढ़ गया है। यह स्थिति उत्तराखंड में हुई भारी बारिश के कारण बिहार भर में चल रहे बड़े संकट का हिस्सा है। 22 अगस्त 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, Sultanganj में गंगा 35.26 मीटर पर बह रही थी, जो 34.5 मीटर के खतरे के निशान से 0.76 मीटर ऊपर है और 20 मिमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है।
ग्रामीण जिला प्रशासन से जल्द से जल्द बाढ़ से निपटने के उपाय शुरू करने और जान-माल के संभावित नुकसान को रोकने के लिए समुदाय के साथ बैठक करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसी राज्य स्तरीय एजेंसियों ने पूरे बिहार में नावें और जीवन रक्षक उपकरण जैसे संसाधन पहले से तैनात किए हैं, लेकिन स्थानीय निवासी टपुआ दियारा बस्ती की खास समस्याओं को हल करने के लिए आपसी तालमेल की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।