भागलपुर और कहलगांव के लोगों के लिए गंगा नदी के जलस्तर में ठहराव आने से राहत की खबर आई है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
- भागलपुर और कहलगांव में गंगा के जलस्तर में ठहराव दर्ज।
- जल संसाधन विभाग के अनुसार पानी की वृद्धि की रफ्तार थमी।
- अगले 48 घंटों में तेज आंधी और भारी बारिश का पूर्वानुमान।
- बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान की आशंका।
- कहलगांव और पीरपैंती के 31 से अधिक स्कूल बंद।
- विस्थापितों के लिए 22 कम्युनिटी किचन चलाई जा रही हैं।
भागलपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। पिछले कई दिनों से उफान पर चल रही गंगा नदी के रौद्र रूप से परेशान भागलपुर और कहलगांव के वासियों के लिए गुरुवार को एक राहत भरी खबर आई है।
पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर में गुरुवार को ठहराव दर्ज किया गया है। जल संसाधन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नदी की तीव्र वृद्धि की रफ्तार अब पूरी तरह थम चुकी है। अधिकारियों का अनुमान है कि गुरुवार दोपहर बाद से जलस्तर में क्रमिक गिरावट शुरू होने की प्रबल संभावना है।
हालांकि, इस राहत के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी कर जिला प्रशासन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के भीतर जिले में मौसम में बड़े बदलाव का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक
जिले में तेज आंधी और हवा के भारी झोंके चलने की आशंका है। कई इलाकों में गरज के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इस दोहरी चुनौती को देखते हुए कृषि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बाढ़ के पानी के कारण पहले ही हजारों एकड़ में लगी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। अब संभावित आंधी-बारिश से बचे हुए खेतों को भी नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि
प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का त्वरित और सटीक आकलन किया जाए ताकि किसानों को राहत दी जा सके।भले ही जलस्तर स्थिर हुआ है, लेकिन जिले में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। स्थिति की गंभीरता को इस तरह समझा जा सकता है।
बढ़ते पानी के कारण कहलगांव और पीरपैंती समेत अन्य क्षेत्रों के 31 से अधिक स्कूलों को बंद करना पड़ा है। विस्थापित लोगों के लिए प्रशासन द्वारा 22 कम्युनिटी किचन चलाई जा रही हैं, जहां पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उधर मौसम विभाग की नई चेतावनी के बाद
जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की सलाह दी है।