गंगा और यमुना का बढ़ता पानी बना खतरा, देखिये उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल

प्रयागराज और वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश और बिहार में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं।
- प्रयागराज में दशाश्वमेध घाट समेत कई घाट डूबे।
- वाराणसी में गंगा का जलस्तर 4 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।
- बिहार के भागलपुर में बाढ़ का पानी शहरी इलाकों तक पहुंच गया है।
प्रयागराज में बढ़ते जलस्तर से परेशानी
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई प्रमुख घाट, जैसे दशाश्वमेध घाट, जलमग्न हो गए हैं। दारागंज-नागवासुकी क्षेत्र में आवागमन बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन रविवार को गंगा का पानी बड़े हनुमान जी मंदिर तक पहुंच गया, जिसके साथ भव्य आरती भी हुई।स्थानीय निवासी संदीप ने बताया कि पिछले एक से दो दिनों में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पानी सड़कों पर आ गया है, जिससे रिहायशी घरों में बाढ़ आने की चिंता बढ़ गई है। एक अन्य निवासी ने बताया कि हर साल पानी बढ़ने से माघ मेले के लिए बना रिंग रोड डूब जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय सब्जी बाजार दारागंज थाने तक खिसक गया है, और गंभीर मामलों में इमारतों की पहली और दूसरी मंजिल तक पानी में डूब जाती हैं। निवासियों का कहना है कि उन्हें प्रशासन से मदद मिल रही है।