बिहार में गंगा का तांडव: आठ जिलों में बाढ़ और फसल बर्बाद

गंगा नदी का बढ़ता पानी बिहार के आठ जिलों पटना, वैशाली, भोजपुर, बक्सर, भागलपुर, मुंगेर, समस्तीपुर और बेगूसराय के निचले इलाकों में घुसने लगा है। इस पानी से सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण किया है और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
- बिहार के आठ जिलों में गंगा का पानी फैला
- सैकड़ों एकड़ में फसलें नष्ट हुईं
- डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण
बेगूसराय में टूटा तटबंध
बेगूसराय के बचवारा ब्लॉक में सोमवार को सुबह लगभग 3:00 बजे से 4:00 बजे के बीच बेगमसराय और झामटिया गांवों के बीच जमींदारी रिंग तटबंध का 30 मीटर हिस्सा तेज धार में बह गया। स्थानीय लोगों ने पेड़ काटकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू कर चुका है। इस बाढ़ का पानी रानी की तीन पंचायतों में भी घुस गया है जिससे भारी फसल का नुकसान हुआ है।
मुंगेर और भागलपुर का हाल
मुंगेर में बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। जफरनगर गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है और कई सड़कों पर पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को दोपहर 2:00 बजे गंगा का जलस्तर 38.82 मीटर दर्ज किया गया जो प्रति घंटे लगभग 0.5 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी अभी खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
भागलपुर के खरीक अंचल के राघोपुर क्षेत्र में काजीकोरियन-राघोपुर मार्जिनल तटबंध का एक हिस्सा टूटने से हड़कंप मच गया है। यह तटबंध रविवार को सुबह करीब 2:30 बजे पानी के तेज दबाव और कटाव के कारण टूटा। जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे खुद स्थिति पर नजर रख रही हैं। वार्ड नंबर 12 में शंकरपुर टोला के पास अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी और बाढ़ नियंत्रण विभाग के इंजीनियर मौजूद हैं। जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि पानी नवगछिया की तरफ बह रहा है और बाढ़ नियंत्रण तकनीकी टीमें पानी के बहाव को रोकने तथा और अधिक कटाव को रोकने के लिए संसाधनों और सामग्रियों के साथ युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।