ग्रेटर भागलपुर बनेगा हाईटेक शहर: बेस मैपिंग का काम तेज, 10 अगस्त को होगी बड़ी समीक्षा

सिल्क सिटी भागलपुर को अगले 20 सालों की जरूरतों के हिसाब से 'ग्रेटर भागलपुर' और 'सैटेलाइट टाउन' के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए मास्टर प्लान बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभाग द्वारा नियुक्त एजेंसी ने सोशल और इकोनॉमिक सर्वे का काम पूरा कर लिया है और अब दूसरे चरण में बेस मैपिंग का काम किया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन 10 अगस्त को इन सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेगा।
भागलपुर आयोजना क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर अब 359 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इस विस्तारित क्षेत्र में 384 राजस्व गांव, तीन शहरी निकाय और चार सेंसस टाउन शामिल हैं। नई सीमा के मुताबिक अब उत्तर में नारायणपुर और नाथनगर, दक्षिण में गोराडीह, जगदीशपुर और शाहकुंड, पूर्व में सबौर और पश्चिम में सुल्तानगंज तक का इलाका इस मास्टर प्लान का हिस्सा होगा।
इस पूरे मास्टर प्लान को सात चरणों में पूरा किया जाएगा। वर्तमान में चल रही बेस मैपिंग सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि इसी मूल नक्शे के आधार पर शहर के विकास की योजना बनेगी। इसमें सड़क, नाला, ड्रेनेज, सीवरेज, जल निकाय, रेलवे लाइन, सरकारी भवन, बिजली-पानी की व्यवस्था और खाली जमीन का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इसी के आधार पर तय होगा कि भविष्य में नई सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय कॉलोनी, पार्क और अस्पताल कहां बनेंगे।
आगे की प्रक्रिया के तहत चौथे चरण में जिला प्रशासन और नगर निगम सर्वे रिपोर्ट की जांच कर समस्याओं को सुलझाएंगे। पांचवें चरण में ड्राफ्ट मास्टर प्लान को जनता के सामने रखा जाएगा और उनसे सुझाव मांगे जाएंगे। छठे चरण में इन सुझावों के आधार पर बदलाव किए जाएंगे और सातवें व अंतिम चरण में पूरे क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर भूमि उपयोग का अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।