जानिए हिंदुस्तान अखबार का गौरवशाली इतिहास: 1936 से आज तक का सफर

हिंदुस्तान भारत के सबसे प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्रों में से एक है। इसकी शुरुआत 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा की गई थी। यह अखबार भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गहरी विरासत से जुड़ा हुआ है और वर्तमान में देश का दूसरा सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला हिंदी अखबार है।
मुख्य बातें:
- स्थापना 1936 में पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा।
- देश का दूसरा सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला हिंदी अखबार।
- दुनिया के टॉप 13 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबारों में शामिल।
- 'पाठक सर्वोपरि' के सिद्धांत पर काम।
वैश्विक पहचान और पहुंच
WAN-IFRA के आंकड़ों के अनुसार, साल 2016 में इस अखबार ने दुनिया के टॉप 13 सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाले अखबारों में जगह बनाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। हिंदुस्तान की पहुंच बहुत व्यापक है और यह दिल्ली, एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम) के साथ-साथ पांच अन्य राज्यों में अपने 23 दैनिक संस्करण छापता है।
संपादकीय नीति और रिपोर्टिंग
यह अखबार 'पाठक सर्वोपरि' के संपादकीय दर्शन पर चलता है। हिंदुस्तान समय पर, अच्छी तरह से रिसर्च की गई और गहराई से खोजी रिपोर्टिंग पर जोर देता है। इसकी संपादकीय टीम संतुलित कवरेज देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को जगह मिल सके।
डिजिटल उपस्थिति
डिजिटल युग में, हिंदुस्तान हिंदी न्यूज़ ऐप इसकी पहुंच को और बढ़ाता है। इस ऐप के जरिए लोकल, बिहार, यूपी और राष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ फ्री ई-पेपर और चुनाव के रियल-टाइम अपडेट्स उपलब्ध कराए जाते हैं।