भागलपुर का ऐतिहासिक चंपानगर बदहाल, जानिए बिहुला-विषहरी की कहानी

भागलपुर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व बहुत बड़ा है, जहां ऋषि-मुनियों ने तपस्या की थी और यह माता बिहुला-विषहरी की कथा का उद्गम स्थल भी है। इस क्षेत्र में चंपानगर अपने सिल्क के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है और सती बिहुला तथा चांदो सौदागर यानी चंद्रधर सौदागर की गाथा से जुड़ा हुआ है।
शोध विशेषज्ञ हेमंत कुमार बताते हैं कि यह कथा चंद्रधर सौदागर और उनके सबसे छोटे बेटे बाला लखेंद्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका विवाह सती बिहुला से हुआ था। कथा के अनुसार, चंद्रधर सौदागर द्वारा मां विषहरी की पूजा करने से इनकार करने के बाद, उनके छह बड़े बेटे त्रिवेणी गंगा घाट पर डूब गए थे। बाला लखेंद्र को सांप के काटने से होने वाली मौत की भविष्यवाणी से बचाने के लिए एक लोहे का घर बनाया गया था।