भागलपुर के टाउन हॉल में शनिवार को आईआईआईटी भागलपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में 262 छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। इस दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। - बी.टेक 2022-26 बैच के अंकुर द्विवेदी को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल मिला। - एम.टेक 2024-26 बैच के गौरव सिंह राजपूत को चेयरमैन गोल्ड मेडल दिया गया। - सीएसई से अंकुर द्विवेदी, ईसीई से राहुल कुमार और एमएई से मो. शेख मोहम्मद आरजू को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल मिले।
कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ हुई। इसका औपचारिक उद्घाटन राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रो. नितिन एम. गंगाने, वरुण गोयल, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक खाड़े, संस्थान के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह और रजिस्ट्रार डॉ. धीरज कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक ने स्नातकोत्तर छात्रों को शपथ दिलाई और शैक्षणिक मामलों के सह-डीन डॉ. हिमाद्री नायक ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि साल 2017 में 67 छात्रों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान 2026 तक
1,200 से अधिक छात्रों का घर बन चुका है और चालू वर्ष में 376 नए प्रवेश हुए हैं। संस्थान यूजी, पीजी और पीएचडी कार्यक्रम प्रदान करता है। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विशेषताएं शामिल हैं। शोध पहलों का विस्तार हो रहा है, जिसमें 12 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से स्थापित रोबोटिक्स और ऑटोमेशन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और क्वांटम तकनीक के लिए एक रिसर्च लैब शामिल है। पिछले पांच वर्षों में 324 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं, 2.3 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तपोषित परियोजनाएं चल रही हैं और 2025 में 26 पेटेंट आवेदन जमा किए गए हैं जिनमें से दो स्वीकृत हो चुके हैं।
प्लेसमेंट के आंकड़ों से पता चला कि पिछले शैक्षणिक सत्र में
131 कंपनियों ने कैंपस से भर्ती की। उच्चतम वेतन पैकेज 60 लाख रुपये से 80 लाख रुपये प्रति वर्ष के बीच रहा। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक खाड़े ने बताया कि संस्थान का 70 प्रतिशत विकास पूरा हो चुका है और शेष 30 प्रतिशत को पूरा करने पर प्रयास केंद्रित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्थान का लक्ष्य डिग्री देने के अलावा जिम्मेदार नागरिक और उद्यमी तैयार करना है। राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय का हवाला देकर क्षेत्र के ऐतिहासिक ज्ञान संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता में तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ उच्च नैतिक मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया। प्रो. नितिन एम. गंगाने और वरुण गोयल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी स्नातकों को संबोधित किया।