भागलपुर में जेडीयू का नीतीश संवाद: जानिए कैसे जीविका ने बदली महिलाओं की किस्मत

जनता दल यूनाइटेड की ओर से भागलपुर में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जीविका पहल के 20 साल पूरे होने पर किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जीविका सदस्यों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस इस योजना की 20 साल की प्रगति, महिलाओं के सशक्तिकरण, रोजगार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर था।
कार्यक्रम में कई बड़े नेता शामिल हुए। इनमें कदवा विधायक दुलान चंद्र गोस्वामी, विधान पार्षद विजय सिंह, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, जेडीयू नेता सुद्दु साई और पार्टी प्रवक्ता शैलेंद्र तोमर मुख्य रूप से मौजूद रहे।
नेताओं ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुलान चंद्र गोस्वामी ने कहा कि रोजगार से जुड़कर बिहार की आधी आबादी आत्मनिर्भर बन रही है। विजय सिंह ने जीविका दीदियों के योगदान और उनकी बढ़ती सामाजिक-आर्थिक भागीदारी की सराहना की। ललित नारायण मंडल ने बताया कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से पूरे परिवार और समाज पर अच्छा असर पड़ता है।
जेडीयू नेता सुद्दु साई ने जीविका के 20 साल के सफर पर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे इस योजना से जुड़ी महिलाएं सामान्य स्वयं सहायता समूहों से आगे निकलकर रोजगार और छोटे व्यवसायों के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। जेडीयू प्रवक्ता शैलेंद्र तोमर ने जीविका दीदियों के काम की तारीफ की। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को बिहार के विकास से जोड़ा और उनके प्रयासों का लगातार समर्थन करने की बात कही।
जीविका योजना का सफर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि साल 2006 में शुरू की गई जीविका योजना ने ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में बहुत मदद की है। इस योजना ने महिलाओं को बैंक, बचत, क्रेडिट और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का रास्ता साफ किया है। नेताओं ने यह बात कहते हुए कार्यक्रम का समापन किया कि महिलाओं को उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के प्रयास भविष्य में भी जारी रहने चाहिए।