किशनगंज जिले के ठाकुरगंज, टेढ़ागाछ और बहादुरगढ़ प्रखंड के 30 लाभार्थियों के लिए सीमांचल जीविका प्रशिक्षण केंद्र में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। यह प्रशिक्षण सतत जीविकोपार्जन योजना (SJY) के तहत महिलाओं के विकास को बढ़ाने के लिए किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य मकसद महिलाओं को आगे बढ़ाना था।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को गरीबी के कारण और उसे दूर करने के उपाय, सामाजिक विश्लेषण, खुद की जांच, सरकारी योजनाओं, नियमित बचत और उसके फायदों के बारे में बताया गया। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह के नियम, बिजनेस में पैसा लगाने, समस्या पहचानने, बाधाओं को दूर करने और भविष्य की योजना बनाने की जानकारी दी गई।
यह शिक्षा एसजेवाई नोडल अधिकारी सुबोध कुमार और धर्मेंद्र कुमार के साथ जीविका एमआरपी दीपक और इकरामुल ने दी। इन्होंने खेल-खेल में और बातचीत के जरिए पूरी बात समझाई।
किशनगंज जिले में कुल 2,261 महिलाओं को सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ मिला है। इसमें से 2,172 महिलाओं ने विकास के नियमों को पूरा कर लिया है।
बिहार सरकार की यह एसजेवाई योजना अति गरीब परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बनाई गई है। इसमें वे परिवार शामिल हैं जो पहले ताड़ी और देसी शराब बनाने व बेचने का काम करते थे। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े लोग भी इसमें शामिल हैं।
इस योजना में महिलाओं के आगे बढ़ने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों के लाभार्थियों की हर महीने की कमाई कम से कम 8,000 रुपये होनी चाहिए। शहरी इलाकों के लोगों के लिए यह कमाई 10,000 रुपये होनी चाहिए। इसके अलावा परिवारों की संपत्ति में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होनी चाहिए। हर दिन दो वक्त का पौष्टिक खाना मिलना चाहिए और राशन कार्ड होना जरूरी है। जो लोग इन शर्तों को पूरा कर लेते हैं, उन्हें सर्टिफिकेट मिलता है। इससे वे अपना काम अच्छे से चला पाते हैं और उनकी कमाई हमेशा होती रहती है।