झाझा में महाकाली पूजा की धूम: सोहाजना और देव वाटिका में तैयारियां तेज, सजेगा भव्य मेला
झाझा और सोहाजना में महाकाली पूजा की धूम। दुर्गा सप्तशती पाठ और महाभंडारे के साथ जुटेगी हजारों की भीड़।

दीपावली के मौके पर बिहार के झाझा और आसपास के इलाकों में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है। क्षेत्र में मां महाकाली की पूजा और मेलों को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से देव वाटिका परिसर स्थित स्थानीय थाने के पास के मंदिर और NH-333 पर सोहाजना स्थित काली मंडप में पारंपरिक भव्यता के साथ तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत शनिवार से ही हो गई है। देव वाटिका स्थित मंदिर में पंडित प्रभाकर झा के मार्गदर्शन में श्री दुर्गा सप्तशती का नौ दिवसीय निरंतर पाठ शुरू हुआ है, जो दीपावली तक चलेगा। वहीं, सोहाजना काली मंडप में युद्ध स्तर पर रंग-रोगन और मेले की तैयारियां चल रही हैं। सचिव दिनेश यादव (बघा) ने बताया कि शनिवार, 7 नवंबर की रात को मां की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस आयोजन समिति में अध्यक्ष मिश्री यादव के साथ शंकर यादव, पाका यादव और शैलेश माथुरी जैसे सदस्य जुटे हुए हैं।
निशा पूजा और महाभंडारे का विशेष आकर्षण
दीपावली की रात दोनों प्रमुख स्थलों पर निशा पूजा, हवन और आरती जैसे विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। बाजार काली मंदिर समिति के अध्यक्ष गोपाल पोद्दार ने जानकारी दी कि पारंपरिक पूजा और कन्या भोजन के बाद मंगलवार, 10 नवंबर को एक विशाल महाभंडारे का आयोजन होगा। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाला यह भंडारा देर रात तक चलेगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस व्यवस्था में स्वदेश सागर (डिप्लू), गोपाल वर्मा, मदन वर्मा और अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सोहाजना काली मंडप में 9 और 10 नवंबर को दो दिवसीय मेले का आयोजन होगा, जबकि 11 नवंबर को विसर्जन किया जाएगा। इस पूजा का संचालन पंडित ब्रजेश पांडे करेंगे। झाझा के अन्य हिस्सों जैसे रेलवे इंस्टीट्यूट, बरवारी दुर्गा मंदिर और अकटंड, बैजला, बलियो, तेलियाडीह, रामदaspur, केंडुअटंड, ढबटिया और बंजमा जैसे गांवों में भी महाकाली पूजा के मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।