भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में मरीजों की लगातार मौत और परिजनों के भारी विरोध के बाद गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को सभी विभागों के अध्यक्षों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। यह बैठक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल द्वारा बुलाई गई है, जिन्होंने ओपीडी और आईपीपीडी से सीनियर मेडिकल स्टाफ के लगातार गायब रहने को लेकर एक औपचारिक पत्र जारी किया है।
ओपीडी और आईपीपीडी में सीनियर डॉक्टरों के न होने के कारण गंभीर आपातकालीन सेवाएं केवल पोस्टग्रेजुएट (पीजी) डॉक्टरों द्वारा चलाई जा रही हैं, जबकि वहां सीनियर स्टाफ की देखरेख होनी चाहिए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन डॉक्टरों की पहचान करना है जो अपनी ड्यूटी में लापरवाही कर रहे हैं।
यह प्रशासनिक कदम 1 सितंबर 2026 को अस्पताल में 48 घंटे के भीतर तीन मरीजों की मौत की घटनाओं के बाद उठाया गया है। इन मौतों में बच्चे को जन्म देने के बाद जान गंवाने वाली 24 साल की काजल कुमारी भी शामिल थीं।
मृतकों के परिजनों ने इलाज के दौरान सीनियर डॉक्टरों के मौजूद न होने का आरोप लगाते हुए मेडिकल लापरवाही का दावा किया है, जिसके कारण अस्पताल परिसर में काफी हंगामा और विरोध प्रदर्शन हुआ था।