कटिहार: दहेज प्रथा के खिलाफ विधिक जागरूकता शिविर, महिलाओं को बताए गए उनके कानूनी अधिकार
कटिहार में महिलाओं के अधिकारों और दहेज प्रथा के खिलाफ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।

कटिहार जिले में समाज से दहेज जैसी कुरीतियों को मिटाने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए एक विशेष पहल की गई है। शनिवार को जिला पंचायती राज संसाधन केंद्र के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह पूरा कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य लक्ष्य लैंगिक समानता और संवैधानिक मूल्यों को आम लोगों तक पहुँचाना था।
दहेज को बताया सामाजिक अभिशाप, आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने दहेज प्रथा पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक गंभीर सामाजिक बुराई बताया। उन्होंने कहा कि दहेज के कारण महिलाओं को न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने लोगों को प्रेरित किया कि विवाह को पैसों के लेन-देन के बजाय एक पवित्र बंधन के रूप में देखें। श्रीवास्तव ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के पालन और बेटियों को शिक्षित व आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15 का जिक्र करते हुए कहा कि लिंग के आधार पर भेदभाव पूरी तरह प्रतिबंधित है और बेटा-बेटी दोनों को समान अवसर मिलने चाहिए।
शिविर के दौरान महिलाओं के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारों पर भी चर्चा हुई, जिनमें समान काम के लिए समान वेतन, घरेलू हिंसा से बचाव, कार्यस्थल पर सुरक्षा, संपत्ति में अधिकार और मातृत्व लाभ जैसे विषय शामिल थे। प्राधिकार के सचिव कमलेश सिंह देऊ ने जोर देकर कहा कि न्याय और कानून की पहुंच समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति तक होनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इन कानूनी प्रावधानों का गांव-गांव में प्रचार करें ताकि कोई भी अपने हक से वंचित न रहे।
मुफ्त कानूनी सहायता और हेल्पलाइन की जानकारी:
सचिव ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार जरूरतमंदों को मुफ्त सरकारी वकील और कानूनी सलाह प्रदान करता है। साथ ही, पीड़ित प्रतिकर योजना और राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए मामलों के त्वरित निपटारे की सुविधा भी उपलब्ध है। आपात स्थिति के लिए शिविर में कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए:
- नालसा हेल्पलाइन: 15100
- महिला हेल्पलाइन: 181
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- आपातकालीन सेवा: 112
यह आयोजन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुपालन में किया गया था। इस मौके पर एडीपीआरओ, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, मुखिया, सरपंच, ग्राम कचहरी सचिव और पारा विधिक स्वयंसेवकों सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।