भागलपुर में गंगा नदी के भीषण कटाव को रोकने के लिए खगड़िया जिला प्रशासन ने मदद का हाथ बढ़ाया है और डेढ़ लाख बालू भरे बोरे भेजे हैं। खगड़िया बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-1 और 2 के निर्देश पर प्रभावित इलाके के लिए सामग्री भेजी जा रही है।
- खगड़िया जिला प्रशासन ने भागलपुर के राघोपुर को दी मदद
- डेढ़ लाख बालू भरे बोरे भेजे गए हैं
- दस हाइवा ट्रक, दो सौ ट्रैक्टर और तीन स्टीमर तैनात हैं
राघोपुर इलाके में स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है क्योंकि नरकटिया बांध की नाक पहले ही नदी में डूब चुकी है और कटाव से पुरानी रेलवे लाइन का बांध खतरे में है। सदी पुराने चैती दुर्गा मंदिर का एक बड़ा हिस्सा गंगा में समा चुका है। कटाव रोकने के तेजी से काम करने के लिए दो बड़े जहाजों को लगाया गया है जो सीधे कटाव क्षेत्र में बालू भरे बड़े जियो-बैग गिरा रहे हैं।
इस संकट को देखते हुए उच्च स्तर पर दखल दिया गया है।
बिहार के उप मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी तथा जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह दिल्ली की बैठक से पटना लौटे हैं। डॉ. सिंह स्थिति की निगरानी के लिए खुद मौके का दौरा करेंगे। भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस महानिरीक्षक ने भी मौके का मुआयना किया है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार और पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र भी खरीक प्रखंड में निगरानी कर रहे हैं जहां जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
खगड़िया खुद बाढ़ की समस्याओं का सामना कर रहा है,
इसके बावजूद जिला अपने पड़ोसी की मदद के लिए संसाधन दे रहा है। परबत्ता प्रखंड में बांधों की सुरक्षा के लिए रखे गए बालू के बोरे भी भागलपुर भेजे गए हैं। प्राकृतिक आपदा के दौरान आपसी सहयोग का यह बड़ा उदाहरण है।