खगड़िया: 2027 वोटर लिस्ट रिवीजन का लक्ष्य तय, महिला मतदाता अनुपात 930 पहुँचाने की तैयारी

खगड़िया जिला प्रशासन ने 2027 के मतदाता सूची पुनरीक्षण का लक्ष्य तय किया है, जिसमें महिला मतदाता अनुपात 930 तक पहुँचाने पर जोर दिया गया है।

Banibrata Chakraborty6 November 20262 min read0 viewsBihar
खगड़िया: 2027 वोटर लिस्ट रिवीजन का लक्ष्य तय, महिला मतदाता अनुपात 930 पहुँचाने की तैयारी

खगड़िया जिला प्रशासन ने साल 2027 के लिए फोटो मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए जिला मजिस्ट्रेट विक्रम विरकर ने कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आने वाले चुनावों के लिए मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और समावेशी हो।

प्रशासन ने इस बार एक खास लक्ष्य रखा है, जिसके तहत वोटर सेक्स रेशियो (महिला-पुरुष अनुपात) को 930 तक पहुँचाने पर जोर दिया गया है। डीएम विक्रम विरकर ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए यह जरूरी है कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में हो और अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और नवविवाहित महिलाओं से अपील की है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं या जरूरी अपडेट करवाएं।

पुनरीक्षण प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल

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जिला प्रशासन ने मतदाता सूची अपडेट करने के लिए एक विस्तृत समय-सारणी जारी की है, ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो:

  • 12 नवंबर 2026: प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
  • 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने की अवधि होगी।
  • 18 दिसंबर 2026: सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा कर लिया जाएगा।
  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।

आम लोगों की सुविधा के लिए दो विशेष अभियान दिन भी तय किए गए हैं। पहला अभियान 21 और 22 नवंबर 2026 को और दूसरा 5 और 6 दिसंबर 2026 को चलाया जाएगा। इन दिनों बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे ताकि लोग आसानी से अपने आवेदन जमा कर सकें।

इसके अलावा, प्रशासन उन लोगों से भी अग्रिम आवेदन स्वीकार करेगा जो 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्रता प्राप्त करेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दावों और आपत्तियों की सूची नोटिस बोर्ड पर लगाएं और इसकी प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएं। साथ ही, अपडेटेड लिस्ट साझा करने के लिए राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ साप्ताहिक बैठकें भी की जाएंगी।

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