बिहार के सीमांचल इलाकों से जुड़ी तीन बड़ी खबरें सामने आई हैं। इसमें ठाकुरगंज में पूर्व मुखिया के निधन पर शोक, अररिया में दरोगा का विदाई समारोह और ठाकुरगंज में शिक्षकों के लिए प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग ट्रेनिंग शामिल है।
ठाकुरगंज के झुण्की मुसहरा पंचायत के पूर्व मुखिया आसिम जाफर के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार को उनके जनाजे में हजारों की संख्या में आम लोग, जन प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और रिश्तेदार शामिल हुए।
अररिया के मदनपुर थाना से ट्रांसफर होने पर रविवार शाम को कार्तिक मंदिर मदनपुर परिसर में सब-इंस्पेक्टर रितेश सिंह के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू यादव की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने रितेश सिंह को एक
मेहनती, ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी बताया, जिन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल में गहरा प्रभाव छोड़ा। अपने जवाब में रितेश सिंह ने अपनी पोस्टिंग के दौरान मिले स्थानीय समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में मुन्ना सिंह, रूपेश भगत, चेयरमैन उमेश सिंह, चंदन सिंह, दीपचंद सिंह, नरेश ठाकुर, रामू सिंह, सुमित झा, धर्मेंद्र सिंह, विजय सिंह और दीपक भगत समेत कई लोग मौजूद रहे।
ठाकुरगंज के प्रखंड संसाधन केंद्र में सोमवार को कक्षा की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए प्रखंड स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। इसमें 24 स्कूलों के चुनिंदा शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस ट्रेनिंग में सर्व शिक्षा अभियान के तहत माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट 4.6 के तहत विज्ञान और गणित के लिए पाठ योजनाओं के प्रभावी इस्तेमाल पर ध्यान दिया गया, जिसका मकसद छात्रों की भागीदारी बढ़ाना है। इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करके 31 अक्टूबर तक पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है। इसके अलावा, माइक्रो प्रोजेक्ट 4.5 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने 24 स्कूलों का काम अधूरा पाया और तुरंत पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का आदेश दिया। ट्रेनर चंदन कुमार ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के तरीके और पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।