किशनगंज में बाल कल्याण और मानव तस्करी रोकने के उपायों की एक जरूरी संयुक्त समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने की। बैठक में बाल कल्याण समिति और जिला स्तरीय मानव तस्करी रोधी समिति के अधिकारी शामिल रहे। मुख्य बिंदु: 50 की क्षमता वाले केंद्र में 84 किशोर रह रहे हैं। बाल कल्याण समिति को इस साल 213 मामले मिले जिनमें 200 हल हुए। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के 839 में से 837 मामले सुलझाए गए। परवरिश योजना के तहत 404 लाभार्थियों को भुगतान मिल रहा है।
बैठक के दौरान बताया गया कि 50 की स्वीकृत क्षमता वाले सुविधा केंद्र में वर्तमान में 84 किशोर रह रहे हैं। जिला पदाधिकारी कुमार ने निर्देश दिए कि रह रहे बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए तुरंत विषय-विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा पीने के पानी में आयरन की समस्या को ठीक करने और 18 वर्ष के हो चुके किशोरों को व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने तथा रोजगार कार्यालय से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
बाल कल्याण समिति ने जानकारी दी कि इस वर्ष मिले 213 मामलों में से 200 का निपटारा कर दिया गया है। इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 द्वारा संभाले गए 839 मामलों में से 837 मामलों को समाप्त कर दिया गया है। 'परवरिश योजना' के संबंध में जिला 404 लाभार्थियों को नियमित भुगतान कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे के दौरान पहचाने गए शेष 85 संभावित लाभार्थियों के सत्यापन और पोर्टल रजिस्ट्रेशन को प्राथमिकता दी जाए।
मानव तस्करी की समीक्षा के दौरान नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के पास होने के कारण इस क्षेत्र की संवेदनशीलता पर जोर दिया गया। अधिकारियों को रोकथाम, सुरक्षा और अभियोजन रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया गया। विशिष्ट आदेशों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के समन्वय से रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना शामिल था। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों के मामलों में तुरंत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने, सभी थानों में सूचना बोर्ड प्रदर्शित करने, बाल श्रम के खिलाफ सघन छापेमारी करने और 'जीविका' कार्यक्रम के माध्यम से बचाए गए पीड़ितों के पुनर्वास को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक, श्रम अधीक्षक, पुलिस उप-संपादक (किशनगंज), सामाजिक सुरक्षा सेल के सहायक निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, एसएसबी, बीएसएफ और रेलवे पुलिस के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।